
रायपुर: छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में काम करने वाले बर्खास्त कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने हड़ताल के दौरान नौकरी से निकाले गए 25 संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा बहाली का रास्ता साफ कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से मिले निर्देशों के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने आधिकारिक तौर पर इनकी वापसी का आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि ये कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अगस्त से सितंबर 2025 के बीच अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें सेवा से पृथक कर दिया था। अब राज्य स्वास्थ्य समिति की बैठक में हुए विचार-विमर्श के बाद उस पुरानी दंडात्मक कार्रवाई को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है।
जिला स्तर पर स्वीकार की जाएगी जॉइनिंग: कलेक्टर और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी
एनएचएम द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि संबंधित 25 संविदा कर्मचारियों को उनके संबंधित जिलों में फिर से तैनात किया जाएगा। जिला स्तर पर उनकी उपस्थिति स्वीकार करने के लिए सभी जिलों के कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और जिला स्वास्थ्य समितियों को जरूरी दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। मिशन संचालक ने साफ किया है कि आंदोलन की अवधि के दौरान की गई कार्रवाई अब प्रभावी नहीं रहेगी। इस फैसले के बाद उन कर्मचारियों की नौकरी पर आया संकट टल गया है जिन्हें हड़ताल में शामिल होने की वजह से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
कर्मचारियों में खुशी की लहर: स्वास्थ्य मंत्री और विभाग का जताया आभार
सेवा बहाली के इस ऐतिहासिक फैसले से संविदा कर्मचारियों के बीच संतोष और खुशी का माहौल है। आदेश जारी होने के तुरंत बाद प्रभावित कर्मचारियों और उनके संगठनों ने स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव और मिशन संचालक के प्रति आभार व्यक्त किया है। कर्मचारियों का कहना है कि यह उनकी एकता और प्रदेश के करीब 16,500 एनएचएम कर्मियों के समर्थन का ही परिणाम है। बहाली के इस फैसले को स्वास्थ्य विभाग और संविदा कर्मचारियों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।



