
छत्तीसगढ़ में IPL और अन्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के दौरान सट्टेबाजी का काला कारोबार अपनी सारी हदें पार कर चुका है। ताजा आंकड़ों और पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि राज्य में सट्टे का टर्नओवर 3 हजार करोड़ रुपए के भारी-भरकम आंकड़े को पार कर गया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई बड़े शहरों में सटोरिए सक्रिय हैं और आधुनिक तकनीक की मदद से पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस कमिश्नरेट की बड़ी कार्रवाई और ड्रोन से निगरानी
सटोरियों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी रणनीति बदल दी है। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद एक स्पेशल विंग का गठन किया गया है जो केवल ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी पर नजर रख रही है। सटोरियों के संभावित ठिकानों जैसे आलीशान होटल, फार्महाउस और वीआईपी कॉलोनियों की निगरानी अब ड्रोन कैमरों के जरिए की जा रही है। पुलिस की इस सक्रियता से सट्टा बाजार के सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है।
नामचीन खाईवाल भूमिगत, पुलिस तलाश में जुटी
सट्टा बाजार के बड़े खिलाड़ी जैसे बाबू पठान, अनिल आलू और इम्मू इस वक्त पुलिस की रडार पर हैं। ये बड़े खाईवाल फिलहाल अंडरग्राउंड हो गए हैं और वहीं से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के लिए इनके करीबियों और गुर्गों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये लोग शहर के बाहर स्थित निजी रिसॉर्ट और फार्महाउस को अपना अड्डा बना रहे हैं ताकि मुख्यधारा की पुलिसिंग से बच सकें।
रायपुर के इन प्रमुख इलाकों में फैला है हवाला का जाल
छत्तीसगढ़ में क्रिकेट सट्टे के साथ-साथ हवाला का कारोबार भी बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 45 से ज्यादा हवाला सेंटर बिना किसी डर के चल रहे हैं। रायपुर के एमजी रोड, गुरुनानक चौक, फाफाडीह, टिंबर मार्केट और गंज थाना चौक जैसे इलाकों में हवाला कारोबारी सक्रिय हैं। इन्हीं रास्तों से सट्टे की करोड़ों की रकम का लेन-देन किया जाता है। जांच एजेंसियां अब इन संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही हैं।
मोबाइल ऐप्स और मास्टर आईडी का नया खेल
सट्टेबाजी अब केवल फोन कॉल या पर्ची तक सीमित नहीं रह गई है। सटोरियों ने अब ऑनलाइन ऐप्स और पासवर्ड का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मास्टर आईडी बेचकर क्रिकेट की हर गेंद और हर विकेट पर दांव लगवाया जा रहा है। पुलिस की नजरों से बचने के लिए ये सटोरिए सीक्रेट ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं जिनका सर्वर अक्सर विदेशी धरती पर होता है। तकनीक के इस मेल ने सट्टेबाजी के अवैध धंधे को और भी ज्यादा जटिल बना दिया है।
वर्ल्ड कप मैचों के दौरान लगा रिकॉर्ड दांव
हाल ही में हुए टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान सट्टा बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। भारत और पाकिस्तान के मुकाबले पर अकेले छत्तीसगढ़ से करीब 3000 करोड़ रुपए का सट्टा लगने का अनुमान है। सटोरियों ने भारतीय टीम को जीत के लिए फेवरेट बताया था और मैच के परिणाम उनके दांव के मुताबिक ही रहे। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के मैच में भी करोड़ों के वारे-न्यारे हुए। सट्टेबाज अक्सर होटलों या चलते-फिरते वाहनों से अपना काम कर रहे हैं।
50 लाख कैश के साथ चार बड़े सटोरिए गिरफ्तार
रायपुर पुलिस को हाल ही में एक बड़ी सफलता मिली जब उन्होंने गंज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चार सटोरियों को रंगे हाथों पकड़ा। इनके पास से 50 लाख 35 हजार रुपए की नकदी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपी ऑनलाइन सट्टा खिलाने के लिए आईडी और ऐप्स बेचने का काम करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से मिले कई बैंक खातों को फ्रीज करवा दिया है जिनमें करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन मिला है। पकड़े गए आरोपियों में रितेश गोविंदानी, मोहम्मद अख्तर, विक्रम राजकोरी और सागर पिंजानी शामिल हैं।
राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की भविष्य की रणनीति
जांच के दौरान यह संकेत भी मिले हैं कि कई बड़े सटोरियों को स्थानीय राजनीतिक रसूख का सहारा प्राप्त है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी चाहे किसी भी दल या पद से जुड़ा हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सटोरियों और उन्हें पनाह देने वालों की पूरी कुंडली तैयार की जा रही है। बहुत जल्द पुलिस साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से कुछ और बड़े गिरोहों का पर्दाफाश कर सकती है जिससे इस अवैध धंधे की जड़ों पर प्रहार किया जा सके।
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