
मुंगेली पुलिस ने “नशा मुक्त भारत पखवाड़ा” अभियान के तहत सूखे नशे के अवैध कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर ब्राउन शुगर की तस्करी में शामिल 5 आरोपियों को रंगे हाथ दबोचा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में नगर पंचायत जरहागांव का एक निर्वाचित बीजेपी पार्षद लोकेश उर्फ लक्की कश्यप भी शामिल है। इस गिरफ्तारी के बाद जिले के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
श्मशान घाट में चल रही थी सौदेबाजी, पुलिस ने घेरा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन बाज’ को उस समय बड़ी कामयाबी मिली, जब मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि जरहागांव के श्मशान घाट के पास कुछ युवक नशीले पदार्थों की बिक्री के लिए जमा हुए हैं। सूचना मिलते ही साइबर सेल और जरहागांव थाने की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी की और रेड मारी। अंधेरे और सुनसान जगह का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे पांचों संदिग्धों को पुलिस ने मौके पर ही धर दबोचा।
लाखों की ब्राउन शुगर और तौल मशीन बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से पारदर्शी जिपर पॉलिथीन में रखी हुई 53.51 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली ब्राउन शुगर मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 2,65,000 रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से 6 मोबाइल फोन, एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल और नशे की पुड़िया बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन भी जब्त की है। कुल मिलाकर करीब 3.81 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है।
प्रयागराज के नैनी से जुड़ा है तस्करी का नेटवर्क
पूछताछ के दौरान गिरोह के मुख्य सरगना समीर कश्यप ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कुबूल किया कि वह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (नैनी) से भारी मात्रा में ब्राउन शुगर खरीदकर लाता था। इसके लिए वह नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से भुगतान करता था। वहां से लाए गए नशे को वह अपने साथियों, जिनमें पार्षद लक्की कश्यप भी शामिल था, के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं को ऊंची कीमतों पर बेचता था। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के अन्य कड़ियों की तलाश में जुट गई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, भेजे गए जेल
जरहागांव पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 32/2026 और एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 21 (ख) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में समीर कश्यप, लोकेश कश्यप (पार्षद), और उनके तीन अन्य साथी शामिल हैं। मंगलवार को सभी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।



