
Dhamtari Diesel Politics: धमतरी नगर निगम में इन दिनों डीजल का खेल गरमाया हुआ है। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के खड़े वाहनों में तो डीजल भरवाया ही गया, साथ ही एक पल्सर बाइक का भी नाम सामने आया है, जिसे लेकर सियासत में बवाल मच गया। इन आरोपों को लेकर नाराज भाजपाई पार्षद सीधा सिटी कोतवाली पहुंचे और शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
“आरोप बेबुनियाद और मिथ्या हैं” – भाजपा पार्षदों का पलटवार
Dhamtari Municipal Corporation: भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह महज एक झूठा और बदनाम करने वाला प्रयास है। पार्षदों ने पूछा कि जिस पल्सर बाइक का नाम लिया जा रहा है, वह आखिर है कौन सी? कब-कब उसमें डीजल डाला गया, इसका हिसाब-किताब क्यों नहीं है? पार्षदों ने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में डीजल चोरी कोई नई बात नहीं थी, और उस दौरान भाजपा विपक्ष में रहते हुए बार-बार प्रमाण के साथ मामले उठाती रही, लेकिन कार्रवाई नदारद रही।

“भाजपा की पहचान ही है ईमानदारी” – विजय मोटवानी
सिटी कोतवाली पहुंचे युवा भाजपा पार्षद विजय मोटवानी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता ईमानदारी और सेवा की मिसाल है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का नेता सैकड़ों की भीड़ में भी अपनी अलग पहचान रखता है, क्योंकि उसके पास नैतिक साहस होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता ने दरवाजे से बाहर का रास्ता दिखा दिया है, और अब महापौर रामू रोहरा के नेतृत्व में नगर निगम एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन दे रहा है।
शिकायत देकर की निष्पक्ष जांच की मांग
भाजपा पार्षदों ने आरोपों को “जनता को गुमराह करने की कोशिश” बताया और कहा कि कांग्रेस इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाकर नगर निगम की छवि को धूमिल करना चाहती है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिस वाहन पर उंगली उठाई जा रही है, उसे सामने लाया जाए।
कौन-कौन रहे मौजूद?
शिकायत दर्ज कराने पहुंचे भाजपा प्रतिनिधियों में नरेंद्र रोहरा, निलेश लुनिया, अखिलेश सोनकर, पिंटू यादव, हिमानी साहू, मेघराज ठाकुर, राकेश चंदवानी, हेमंत बंजारे, कलेश सोनी, नम्रता पवार, अज्जू देशलहरे, तल्लीन पुरी गोस्वामी, आशा लोधी, भारती साहू, अनीता अग्रवाल, सतीश पवार, चंद्रभागा साहू, शैलेश रजक, गजेंद्र कंवर और ईश्वर सोनकर शामिल थे।
राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप नई बात नहीं, लेकिन जब बात डीजल जैसी चीज़ पर हो और उसमें बाइक का नाम आ जाए, तो मामला दिलचस्प जरूर हो जाता है। देखना ये होगा कि पुलिस की जांच क्या निष्कर्ष देती है — कहीं सच में डीजल का खेल है, या फिर ये भ्रष्टाचार है?
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