
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 4 नवंबर से विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत घर-घर गणना चरण की शुरुआत होने जा रही है। इस बीच, कांग्रेस द्वारा प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों और उनके ‘वोट चोर गद्दी छोड़‘ अभियान पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) निर्वाचन आयोग की नियमित प्रक्रिया है और कांग्रेस के द्वारा चलाया जा रहा अभियान ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ में कोई दम नहीं है।
कांग्रेस शासनकाल में 10 बार हो चुका है ‘SIR’
विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान देश में 10 बार एसआईआर (Special Integrated Revision) हो चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह निर्वाचन आयोग की सामान्य प्रक्रिया है और कांग्रेस केवल इधर-उधर की बातें कर रही है।
पीसीसी चीफ पर नक्सल मुद्दे को लेकर पलटवार
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण (Surrender) को लेकर सवाल उठाया था कि क्या सरेंडर से पहले सरकार और नक्सलियों के बीच कोई शांति वार्ता हुई थी। इस पर विधायक चंद्राकर ने तीखा हमला किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और नक्सलियों के बीच कोई गोपनीय वार्ता नहीं हुई है और सरकार का रुख पूरी तरह से सही है।
CG Politics: उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कांग्रेस यह बताए कि उनकी सरकार में नक्सलवाद कैसे फैला? चंद्राकर ने यहाँ तक आरोप लगाया कि झीरम कांड के आरोपियों को कांग्रेस ने खुद नहीं पकड़ा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का नक्सलियों के साथ संबंध रहा है।
कांग्रेस जिला अध्यक्षों के चयन में देरी पर ली चुटकी
MLA Ajay Chandrakar: कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के चयन में हो रही देरी पर भी विधायक अजय चंद्राकर ने चुटकी ली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का हाईकमान अभी बिहार में मछली पकड़ रहा है और जब उन्हें फुर्सत मिलेगी, तभी जिला अध्यक्ष चुने जा सकेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें जिलाध्यक्ष चयन की ज्यादा जल्दी है तो वे गंगरेल में मछली पकड़ने आ सकते हैं। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में कुछ भी हो जाए, लेकिन केवल एक परिवार की ही चलेगी। उन्होंने कटाक्ष किया कि कांग्रेस में माता, भाई या बहन के कहने पर ही काम होता है।



