
रायपुर: Raipur Hit and Run: राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और वर्तमान भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के बेटे लक्की सिंह (बलवंत सिंह) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला ‘हिट एंड रन’ से जुड़ा है, जिसमें एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी थी। घटना के बाद से ही आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज थीं। तेलीबांधा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सड़क पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अग्रसेन धाम चौक पर मची चीख-पुकार: जोरा मॉल से आ रही थी कार, बाइक सवार को कई फीट दूर तक घसीटा
यह घटना 5 जनवरी की देर रात की है। तेलीबांधा क्षेत्र के निवासी त्रिभुवन सिंह ठाकुर (34), जो डीजे इवेंट का काम करते हैं, सेरीखेड़ी में अपना काम निपटाकर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे अग्रसेन धाम चौक के पास पहुंचे, तभी जोरा मॉल की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। चश्मदीदों के मुताबिक टक्कर इतनी भयानक थी कि त्रिभुवन अपनी बाइक समेत सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे। हादसे के वक्त कार में लक्की सिंह के साथ दो युवक और दो युवतियां भी सवार थीं। टक्कर मारने के बाद कार में सवार अन्य लोग मौके से भाग निकले, जबकि पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ लिया।

घायल युवक की हालत बेहद नाजुक: अस्पताल में वेंटिलेटर पर है त्रिभुवन, परिजन बोले- ‘उचित न्याय मिले’
हादसे में गंभीर रूप से घायल त्रिभुवन सिंह ठाकुर वर्तमान में शहर के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार युवक के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं और उसे गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। घायल के भाई राज नारायण सिंह ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि रसूख के दबाव में जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
सरगुजा के नाम पर पंजीकृत है कार, आरोपी ने कबूली गाड़ी चलाने की बात
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि दुर्घटनाग्रस्त कार जयप्रकाश उपाध्याय के नाम पर दर्ज है, जो सरगुजा के रहने वाले हैं। जब पुलिस ने वाहन मालिक से संपर्क किया, तो उन्होंने पुष्टि की कि घटना के समय कार लक्की सिंह उर्फ बलवंत सिंह ही चला रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ तेलीबांधा की ओर जा रहा था और अचानक बाइक सामने आने से उसने नियंत्रण खो दिया। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और अब उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि टक्कर के समय कार की सही रफ्तार का पता लगाया जा सके।

धारा 281 और 125(a) के तहत केस दर्ज: कानून से ऊपर कोई नहीं, पुलिस ने दिया सख्त संदेश
तेलीबांधा पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि आरोपी चाहे किसी भी बड़े रसूखदार परिवार से क्यों न हो, उसके साथ एक सामान्य अपराधी की तरह ही कानूनी बर्ताव किया जाएगा। पुलिस अब उन अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है जो हादसे के समय कार में मौजूद थे और बिना मदद किए मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई से जिला प्रशासन ने जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की है कि सड़क सुरक्षा के नियम सभी के लिए बराबर हैं।
राजधानी में रात के समय बढ़ रही तेज रफ्तार गाड़ियों की मनमानी
रायपुर के वीआईपी रोड और तेलीबांधा जैसे इलाकों में रात के समय तेज रफ्तार गाड़ियों की आवाजाही एक बड़ी समस्या बन गई है। अक्सर रसूखदार घरों के युवक इन सड़कों पर रेसिंग और लापरवाही से गाड़ी चलाते देखे जाते हैं। अग्रसेन धाम चौक पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर पुलिस गश्त और रात के समय ट्रैफिक चेकिंग की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक चौक-चौराहों पर पुलिस की सख्ती नहीं बढ़ेगी और रसूखदारों पर लगाम नहीं कसी जाएगी, तब तक त्रिभुवन जैसे आम नागरिक सुरक्षित नहीं रहेंगे।



