
कुरुद। प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर जानलेवा हो गई है। बढ़ते संक्रमण के बीच मौत की रफ्तार भी बढ़ रही है। आंकड़ा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। कोविड के लिए बनाए गए निजी व सरकारी अस्पतालो में अफरा-तफरी की स्थिति है। संक्रमितों को अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल पा रहा है। स्थिति भयावह होने लगी है। इन्हीं सब कारणों को लेकर आज भाजपा दोपहर 03 बजे से तीन घंटे का प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन किये।
पूर्व केबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक अजय चंद्राकर के नेतृत्व में भाजपा ने लॉकडाउन के बीच कुरुद विधानसभा में 24 अप्रैल को दूसरी बार धरना दिया। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए भाजपाइयों ने अपने-अपने निवास, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों के सामने धरना प्रदर्शन किया। अपने घरों के द्वार अथवा बालकनी में तख्तियां टांग राज्य सरकार को जमकर कोसा।
प्रदेश में हर तरफ भय और निराशा का वातावरण है: अजय
इस संदर्भ में वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने दूरभाष से चर्चा कर कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामलों दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। सरकार न तो संक्रमण को रोकने के कुछ उपाय कर रही है और न ही संक्रमित व्यक्तियों को उचित उपचार दे पा रहा है। महामारी सरकार के नियंत्रण से बाहर जा चुकी है। प्रदेश में हर तरफ भय और निराशा का वातावरण है। स्वास्थ्य सुविधायें चरमरा गई हैं। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के बीच तालमेल का अभाव है। सारी जिम्मेदारी कलेक्टर्स और प्रशासन को हस्तांतरित कर दी गयी है।

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रविकांत चंद्राकर, भाजपा जिला मंत्री तिलोकचंद जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले तो क्रिकेट मैच का आयोजन करा के महामारी को दावत देते हैं फिर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ अन्य प्रदेशों में चुनाव प्रचार में चले जाते हैं। इस अनियंत्रित एवं अराजक स्थिति को देखते हुये भारतीय जनता पार्टी प्रदेश और जिला ने नेतृत्व के आह्वान पर कुरुद विधानसभा के चारों मंडल के भाजपाइयों नें अपने अपने घरों से हाथों में तख्तियाँ लेकर भुपेश सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। भाजपाइयों ने प्रदर्शन की तस्वीरों को सोशल मिडिया में हैशटैग #जागो_भूपेश_जागो के साथ जमकर प्रसारित किया।
करीब 300 स्थानों पर किया गया विरोध प्रदर्शन

भाजपा कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कुरुद विधानसभा और जिलास्तर के सभी प्रमुख पदाधिकारी जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ताओं नें कोविड के नियमों का पालन करते हुये अपने अपने घरों में रहकर हाथों में संदेश की तख्तियाँ और झंडा लिये सरकार के विरुद्ध लगभग 300 स्थानों पर प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन में भीमदेव साहू, हरखचन्द जैन, सुरेश अग्रवाल, कृष्णकांत साहू, आनंद यदु, होरीलाल साहू, पुष्पेंद्र साहू, कुलेश्वर चंद्राकर, छत्रपाल बैस, रामस्वरूप साहू, मुलचंद सिन्हा, महामंत्रीद्वय टिकेश साहू प्रभात बैस, युवामोर्चा मंडल अध्यक्ष अनुराग चंद्राकर, आईटीसेल संयोजक कमलेश चंद्राकर, सत्यम चंद्राकर, विक्रम बंजारे, हिमांशु साहू, धर्मेंद्र साहू धरना प्रदर्शन की तैयारीयों में प्रमुख रुप से शामिल थे।



