
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के वार्ड क्रमांक 2 की भारतीय जनता पार्टी की पार्षद नेहा देवांगन ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। गुरुवार को हुई इस घटना के बाद पूरे नगर निगम और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। पार्षद को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी हुई है। फिलहाल इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है।
घर के भीतर उठाया खौफनाक कदम
जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेत्री नेहा देवांगन अपने घर पर ही थीं, तभी उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। कुछ ही देर बाद जब उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो परिजनों को घटना का अहसास हुआ। आनन-फानन में पड़ोसियों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अस्पताल लाते समय उनकी स्थिति काफी नाजुक थी। खबर फैलते ही भाजपा के कई बड़े नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उनका हाल जानने अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों की निगरानी में अगले 24 घंटे
जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि पार्षद का उपचार जारी है और प्राथमिक इलाज के बाद उनकी स्थिति में मामूली सुधार देखा गया है। हालांकि, चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि जहर के असर को देखते हुए अगले 24 घंटे उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक मरीज पूरी तरह होश में नहीं आ जाता और बातचीत करने की स्थिति में नहीं होता, तब तक खतरे से बाहर कहना जल्दबाजी होगी।
रहस्यमय चुप्पी: परिजन और पुलिस दोनों बेखबर
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस और परिजन दोनों ही फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और न ही परिजनों ने किसी परेशानी का जिक्र किया है। चूंकि घटना घर के भीतर हुई है, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि इसके पीछे कोई पारिवारिक कलह या निजी तनाव हो सकता है। हालांकि, परिजनों ने अभी इस मामले में कोई भी बयान देने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है।
राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
एक सक्रिय महिला पार्षद द्वारा ऐसा कदम उठाए जाने से नगर निगम की राजनीति गरमा गई है। मेयर, सभापति और कई विपक्षी पार्षद भी अस्पताल पहुंचे हैं। शहर के लोगों में इस बात को लेकर गहरी चर्चा है कि आखिर वह क्या मजबूरी थी जिसने एक निर्वाचित प्रतिनिधि को मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि जैसे ही नेहा देवांगन की हालत स्थिर होगी, उनका औपचारिक बयान दर्ज किया जाएगा, जिससे इस पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी।



