
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 20 फरवरी से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए मंडल ने इस बार ड्यूटी के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे और छात्रों को एक निष्पक्ष माहौल मिल सके। इन नए नियमों के लागू होने से शिक्षकों की जवाबदेही भी बढ़ गई है।
संबंधित विषय के शिक्षकों पर ड्यूटी से रोक
माशिमं के नए आदेश के अनुसार, जिस दिन जिस विषय की परीक्षा होगी, उस दिन उस विषय के शिक्षक की ड्यूटी क्लासरूम में नहीं लगाई जाएगी। इतना ही नहीं, संबंधित विषय के शिक्षकों को ‘फ्लाइंग स्क्वायड’ (उड़नदस्ता) टीम में भी शामिल नहीं किया जाएगा। मंडल का मानना है कि इस कदम से परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की मदद या अनुचित लाभ मिलने की संभावना खत्म हो जाएगी। केंद्राध्यक्षों को हिदायत दी गई है कि वे पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाते समय इस नियम का कड़ाई से पालन करें।
नकल करने वालों पर कड़ा शिकंजा
नकल रोकने के लिए भी मंडल ने प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है। अगर कोई छात्र अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके लिए विशेष प्रोटोकॉल तय किया गया है। पकड़े गए छात्र की मुख्य उत्तरपुस्तिका और पूरक कॉपियों को एक अलग लिफाफे में सील करना होगा। इस लिफाफे को अन्य कॉपियों के साथ न भेजकर सीधे संभागीय कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने पर केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षकों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
परीक्षार्थियों और केंद्राध्यक्षों के लिए जरूरी निर्देश
बोर्ड ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है:
- विषय संशोधन पर रोक: एडमिट कार्ड में दर्ज विषयों में किसी भी तरह का बदलाव आखिरी समय पर मान्य नहीं होगा।
- रोल नंबर की गलती: यदि छात्र कॉपी पर गलत रोल नंबर या विषय कोड लिखता है, तो उसका परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
- अनिवार्य अनुपस्थिति: अगर कोई छात्र मूल विषय के बजाय किसी दूसरे विषय की परीक्षा में बैठता है, तो उसे मुख्य विषय में अनुपस्थित मानकर रिजल्ट रोक दिया जाएगा।
- केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी: परीक्षा के दौरान किसी भी गड़बड़ी के लिए सीधे तौर पर केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
त्रुटिहीन रिजल्ट की तैयारी
मंडल ने प्राचार्यों और केंद्राध्यक्षों को साफ कर दिया है कि उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन और डेटा एंट्री में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों को भी सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें और अपनी उत्तरपुस्तिका में जानकारी भरते समय विशेष सावधानी बरतें। इस बार फ्लाइंग स्क्वायड की संख्या भी बढ़ाई गई है जो परीक्षा केंद्रों का अचानक निरीक्षण करेगी।
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