धमतरी गंगरेल बांध में नौकायान उत्सव: छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित होगी भव्य ‘महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप’

छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर धमतरी का गंगरेल बांध एक नया इतिहास रचने जा रहा है। आगामी 11 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजे से यहाँ ‘महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। राज्य में अपनी तरह का यह पहला आयोजन है, जो पारंपरिक नौकायान और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पर्यटन समिति द्वारा किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल ‘मैन्युअल चप्पू’ चलाने वाली नावों को ही शामिल किया जाएगा, जो प्रतिभागियों के शारीरिक कौशल और तालमेल की असली परीक्षा लेगा।

लाखों के इनाम और पंजीयन की प्रक्रिया

इस चैंपियनशिप को आकर्षक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने भारी-भरकम इनामी राशि की घोषणा की है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान को 50 हजार और तृतीय स्थान को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ बोट सजावट’ और ‘विशेष वेशभूषा’ के लिए भी 11-11 हजार रुपये के विशेष पुरस्कार रखे गए हैं। इच्छुक प्रतिभागी 500 रुपये पंजीयन शुल्क जमा कर निर्धारित तिथि तक अपनी टीम का नामांकन करा सकते हैं।

पात्रता और टीम गठन के कड़े नियम

प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रत्येक टीम में दो मुख्य सदस्य होंगे, जिनमें से एक को कप्तान नामित करना अनिवार्य होगा। प्रतिभागियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और उनका शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। प्रत्येक खिलाड़ी के पास वैध पहचान पत्र होना चाहिए और कोई भी व्यक्ति एक से अधिक टीम का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकेगा। सुरक्षा और एकरूपता के लिए सभी सदस्यों के लिए एक समान वेशभूषा या लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है।

नावों का तकनीकी निरीक्षण और संचालन मानक

चूंकि यह प्रतियोगिता पूरी तरह से मानवीय शक्ति (मैन्युअल रोइंग) पर आधारित है, इसलिए किसी भी प्रकार के इंजन या मोटर चालित नाव के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल आयोजक समिति द्वारा स्वीकृत और सुरक्षा मानकों पर खरी उतरने वाली नावों को ही रेस में शामिल होने की अनुमति मिलेगी। प्रतियोगिता से एक दिन पूर्व, यानी 10 मार्च 2026 को प्रतियोगिता स्थल पर सभी नावों का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। मानकों पर खरा न उतरने वाली नावों को दौड़ से बाहर कर दिया जाएगा।

दौड़ का प्रारूप और विजेता निर्धारण प्रक्रिया

चैंपियनशिप के लिए दौड़ की दूरी (जैसे 500 मीटर या 1 किलोमीटर) पहले से ही चिन्हित कर दी जाएगी। स्टार्ट और फिनिश लाइन पर निर्णायक मंडल की पैनी नजर रहेगी। यदि कोई टीम ‘फॉल्स स्टार्ट’ (निर्धारित समय से पहले दौड़ना) करती है, तो उसे चेतावनी दी जाएगी या अयोग्य घोषित किया जा सकता है। जो नाव सबसे पहले फिनिश लाइन को सफलतापूर्वक पार करेगी, उसे ही विजेता माना जाएगा। इस दौरान अन्य नावों को धक्का देना या जानबूझकर नुकसान पहुँचाना अयोग्यता का कारण बनेगा।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और बचाव दल की तैनाती

गंगरेल बांध की गहराई को देखते हुए सुरक्षा प्रावधानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी प्रतिभागियों को अनिवार्य रूप से तैरना आना चाहिए और लाइफ जैकेट पहनना हर हाल में जरूरी है। आपात स्थिति से निपटने के लिए आयोजन स्थल पर बचाव दल (Rescue Team), सुरक्षा नावें, प्राथमिक उपचार केंद्र और एम्बुलेंस की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मौसम खराब होता है या तेज हवाएं चलती हैं, तो सुरक्षा के मद्देनजर प्रतियोगिता को तत्काल स्थगित किया जा सकता है।

आपत्ति एवं अपील के लिए निर्धारित तंत्र

प्रतियोगिता के दौरान किसी भी प्रकार के विवाद या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में टीमों को अपील करने का अधिकार दिया गया है। यदि किसी टीम को परिणाम या अन्य व्यवस्था पर आपत्ति है, तो उन्हें दौड़ समाप्त होने के 30 मिनट के भीतर लिखित रूप में अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी। आयोजन समिति और निर्णायक मंडल द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। इस उत्सव से न केवल स्थानीय कौशल को मंच मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के जल पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिलेगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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