छत्तीसगढ़ में बड़ा खुलासा: GST और इनकम टैक्स भरने वाले भी उठा रहे थे BPL राशन का लाभ, 10 हजार कार्ड होंगे निरस्त

रायपुर BPL Card Scam: छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान एक बड़ी अनियमितता सामने आई है, जिसे बीपीएल कार्ड घोटाला माना जा रहा है। राज्य के खाद्य विभाग ने 10 हजार से अधिक ऐसे बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) राशन कार्ड धारकों की पहचान की है, जो अपात्र होते हुए भी सरकारी राशन योजना का अवैध रूप से लाभ ले रहे थे। इस चौंकाने वाले खुलासे में वे लोग भी शामिल हैं जो नियमित रूप से जीएसटी (GST) और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते हैं।

अपात्रता का आधार और राज्यव्यापी कार्रवाई

विभाग की जाँच में पता चला है कि अपात्रता का यह खेल केवल टैक्स भरने वालों तक ही सीमित नहीं था। कई ऐसे लोगों ने भी बीपीएल कार्ड बनवा रखे थे, जिनके पास एक हेक्टेयर से अधिक सिंचित भूमि है, जो उन्हें इस योजना के लिए अयोग्य बनाती है। आधार, पैन और राशन कार्ड की लिंकिंग के बाद इन अपात्र हितग्राहियों की पहचान संभव हो पाई है।

  • पूरे प्रदेश में ऐसे अपात्र राशन कार्डों की संख्या 62,813 बताई जा रही है, जिन पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। अकेले राजधानी रायपुर में ही 10,361 ऐसे राशन कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
  • विभाग ने सभी चिन्हित कार्डों को ऑनलाइन ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। यदि किसी व्यक्ति को निरस्तीकरण पर आपत्ति है, तो वे राशन दुकानदारों या संबंधित विभाग के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

अपात्र लाभार्थियों से होगी पैसे की वसूली

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जाँच में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हजारों की संख्या में ऐसे अपात्र कार्डधारक मिले हैं जो पिछले तीन साल से राशन ले रहे थे। इन सभी से पैसे की वसूली की जाएगी। यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा यह सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जरूरतमंद और पात्र लोगों तक ही पहुंचे, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक मिल सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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