
छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी बजट सत्र को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आदेश जारी कर जिले के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र के दौरान कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ पाएगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि विधानसभा में पूछे जाने वाले सवालों के जवाब समय पर तैयार किए जा सकें और शासन के कामकाज में कोई रुकावट न आए।
23 फरवरी से गूंजेगा सदन, राज्यपाल के भाषण से शुरुआत
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बजट सत्र की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि षष्ठम् विधानसभा का यह आठवां सत्र 23 फरवरी को सुबह 11:05 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें होनी हैं, जिनमें राज्य के विकास और नीतिगत फैसलों पर गंभीर चर्चा की जाएगी। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
वित्त मंत्री पेश करेंगे 2026-27 का वार्षिक बजट
सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 24 फरवरी होगा, जब दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी राज्य का वार्षिक बजट (आय-व्ययक) पेश करेंगे। इस बजट से प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं को काफी उम्मीदें हैं। बजट भाषण का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और आकाशवाणी रायपुर के माध्यम से किया जाएगा ताकि आम जनता भी सरकार की योजनाओं और वित्तीय प्रावधानों को सीधे सुन सके। बजट पर सामान्य चर्चा के लिए 26 और 27 फरवरी की तारीख तय की गई है।
धर्मांतरण समेत दो बड़े विधेयक होंगे पेश
इस बार का सत्र विधायी कार्यों के लिहाज से भी काफी अहम रहने वाला है। सरकार सदन में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इसमें पहला ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ और दूसरा ‘छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक 2026’ शामिल है। इन विधेयकों को लेकर सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार इन कानूनों को पारित कराने पर जोर देगी।
2800 से ज्यादा सवालों की लगी झड़ी
जनहित के मुद्दों को लेकर विधायकों ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ सवाल पूछे हैं। विधानसभा सचिवालय को अब तक कुल 2813 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं, जिनमें से 1376 तारांकित प्रश्न हैं यानी इनका जवाब सदन में मौखिक रूप से दिया जाएगा। इसके अलावा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, शून्यकाल की सूचनाएं और 112 याचिकाएं भी प्राप्त हुई हैं। विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर सरकार को घेरने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
निधन उल्लेख और श्रद्धांजलि
सत्र के दौरान सदन के उन पूर्व साथियों को भी याद किया जाएगा जो अब हमारे बीच नहीं रहे। अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते के निधन पर सदन में शोक जताया जाएगा और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। विधायी परंपरा के अनुसार, दिवंगत आत्माओं के सम्मान में सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी की जा सकती है। इसके बाद जनहित के मुद्दों पर चर्चा का सिलसिला आगे बढ़ेगा।
बजट सत्र की समय-सारणी: स्टेप-बाय-स्टेप समझें पूरा शेड्यूल
विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसके मुख्य पड़ाव इस प्रकार हैं:
- 23 फरवरी: सुबह 11:05 बजे राज्यपाल का अभिभाषण।
- 24 फरवरी: दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री द्वारा बजट प्रस्तुति।
- 26 और 27 फरवरी: बजट पर सामान्य चर्चा।
- 9 से 17 मार्च: विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान।
- 17 मार्च: विनियोग विधेयक का सदन के पटल पर प्रस्तुतीकरण।
- 18 मार्च: विनियोग विधेयक पर विस्तृत चर्चा और इसे पारित करने की प्रक्रिया।
- 20 मार्च: सत्र का समापन।
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