Mukesh Chandrakar Murder Case Update: पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: आरोपी सुरेश चंद्राकर के ठिकानों पर चला बुलडोजर, फार्म हाउस ढहाया गया

Mukesh Chandrakar Murder Case Update: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड मामले में आठ महीने बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 8 सितंबर 2025 को मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के फार्म हाउस और अन्य ठिकानों पर बुलडोजर चलाया गया।

फार्म हाउस पर बुलडोजर एक्शन

Bijapur News: जिला प्रशासन और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने चट्टानपारा स्थित उस फार्म हाउस को ढहा दिया, जहां मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद उनके शव को सेप्टिक टैंक में फेंका गया था। इस कार्रवाई में एसआईटी की टीम भी मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के अवैध निर्माण और संपत्तियों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

कब और कैसे हुई थी हत्या?

1 जनवरी 2025 को बीजापुर के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर अचानक लापता हो गए थे। दो दिन बाद 3 जनवरी को उनका शव सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि उनकी हत्या मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उसके सहयोगियों ने की थी। पुलिस ने पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और फिर 5 जनवरी को सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से पकड़ लिया गया।

भ्रष्टाचार की खबर बनी थी वजह

मुकेश चंद्राकर ने दिसंबर 2024 में नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की खबर प्रकाशित की थी। इसी के बाद वे कथित ठेकेदारों के निशाने पर आ गए। पुलिस की एसआईटी ने इस केस में सुरेश चंद्राकर सहित चार लोगों को आरोपी बनाया है। आरोपपत्र में 70 गवाहों को शामिल किया गया है।

कौन है सुरेश चंद्राकर?

सुरेश चंद्राकर बस्तर और बीजापुर का बड़ा ठेकेदार माना जाता है। वह सड़क और माइनिंग से जुड़े ठेकों में सक्रिय रहा है और स्थानीय राजनीति से भी उसका करीबी रिश्ता रहा है। दिसंबर 2021 में अपनी भव्य शादी के दौरान वह चर्चा में आया था, जब उसने शादी समारोह में हेलिकॉप्टर का इंतजाम किया था।

Also Read: CG Bulldozer Action: सूदखोरी का सिंडिकेट ध्वस्त: हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर के दफ्तर पर चला बुलडोजर, पत्नी के नाम से चल रहा था कारोबार

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button