
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां के जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती एक 20 वर्षीय युवती ने अस्पताल के महिला प्रसाधन (वॉशरूम) में अपने ही दुपट्टे से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। बुधवार सुबह हुई इस घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। युवती का इलाज अस्पताल के बर्न वार्ड में चल रहा था और किसी को अंदेशा नहीं था कि वह ऐसा घातक कदम उठा लेगी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
राइस मिल में हुई थी दुर्घटना
मृतका की पहचान कोंडागांव निवासी 20 वर्षीय दशमती नेताम के रूप में हुई है। वह धमतरी बस स्टैंड के पास स्थित हरि ओम राइस मिल में काम करती थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले मिल में खाना बनाते समय वह झुलस गई थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। युवती के चेहरे और शरीर के कुछ हिस्सों पर जलने के गंभीर घाव थे। बुधवार सुबह वह वार्ड स्टाफ को बाथरूम जाने का बोलकर निकली थी, लेकिन जब काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो कर्मचारियों को शक हुआ।
बाथरूम में मिली लाश
जब अस्पताल स्टाफ ने वॉशरूम का दरवाजा खटखटाया और अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका में दरवाजा खोला गया। अंदर का मंजर देख कर्मचारियों के होश उड़ गए; युवती फंदे से लटकी हुई थी। आनन-फानन में पुलिस को खबर दी गई और शव को नीचे उतारा गया। फिलहाल खुदकुशी के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि जलने के बाद के शारीरिक कष्ट या मानसिक तनाव की वजह से युवती ने यह कदम उठाया होगा।
सुरक्षा पर उठे सवाल
जिला अस्पताल जैसी जगह पर, जहां स्टाफ की 24 घंटे मौजूदगी रहती है, वहां एक मरीज का इस तरह सुसाइड कर लेना अस्पताल प्रबंधन की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। परिजनों और अन्य मरीजों में इस घटना को लेकर गहरा रोष और डर देखा जा रहा है। मामले में राइस मिल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, हालांकि मिल के सुपरवाइजर ने फिलहाल इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CHMO) उत्तम कौशिक और सिविल सर्जन डॉ. अरुण टोनडर ने अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की है। वहीं, सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम के बाद होगी सौंपनी
फिलहाल पुलिस ने शव को मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया है। कोंडागांव में रहने वाले युवती के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अस्पताल में भर्ती होने के बाद युवती किसी मानसिक दबाव में थी या राइस मिल में उसके साथ कोई अन्य अप्रिय घटना हुई थी।



