Butterfly Meet 2025: छत्तीसगढ़ में पहली बार बटरफ्लाई मीट, 5 से 7 दिसंबर तक होगा आयोजन, 20 नवंबर तक होंगे पंजीयन…

प्रकृति प्रेमियों और तितली विशेषज्ञों के लिए यह एक मनमोहक अवसर है। छत्तीसगढ़ सरकार पहली बार कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर में 3 दिवसीय ‘कांगेर वैली बटरफ्लाई मीट 2025’ का आयोजन करने जा रही है। यह शिविर 5 से 7 दिसंबर तक चलेगा। ‘जंगल का जीवित काव्य’ कही जाने वाली कांगेर घाटी अपनी अद्भुत जैव विविधता और रंग-बिरंगी तितलियों के लिए प्रसिद्ध है। इस आयोजन से वन्यजीव प्रेमियों को प्रकृति के करीब आने और बस्तर पर्यटन को नया आयाम प्रदान करने का अवसर मिलेगा।

शिविर का मुख्य उद्देश्य: तितलियों का अध्ययन और संरक्षण

इस 3 दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य तितलियों के अध्ययन, पहचान और संरक्षण के महत्व को समझना है। पहले दिन प्रतिभागियों का पंजीकरण जगदलपुर स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान कार्यालय में होगा, जिसके बाद उन्हें वन शिविरों में भेजा जाएगा। दूसरे दिन फील्ड ट्रेल्स के माध्यम से तितलियों की प्रजातियों का प्रलेखन किया जाएगा, जबकि अंतिम दिन प्रतिभागी अपने अनुभव, तस्वीरें और डेटा साझा करेंगे।

पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 नवंबर, शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य

इस अनोखे आयोजन में भाग लेने के लिए इच्छुक लोग पंजीकरण करा सकते हैं, जिसकी अंतिम तिथि 20 नवंबर निर्धारित की गई है। इस शिविर में वही प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे जो शारीरिक रूप से स्वस्थ हों और जंगल की परिस्थितियों में प्रतिदिन 12 से 15 किलोमीटर पैदल चलने में सक्षम हों। चयन सूचना 22 नवंबर को दी जाएगी और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 25 नवंबर है।

सामान्य शुल्क ₹2000, छात्रों के लिए ₹1500 निर्धारित

पंजीकरण शुल्क सामान्य लोगों के लिए ₹2000 और छात्रों के लिए ₹1500 रखा गया है। इस शुल्क में प्रतिभागियों के लिए आवास और संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी शामिल है। हालांकि, यात्रा (यातायात) व्यय प्रतिभागियों को स्वयं वहन करना होगा। किसी भी सहायता के लिए व्हाट्सएप नंबर +91-84355 62061 या +91-82530 44935 पर संपर्क किया जा सकता है।

वन विभाग ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

वन विभाग ने प्रतिभागियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। शिविर के दौरान धूम्रपान, शराब और सुगंधित उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रतिभागियों को वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी होगी और किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा। दिसंबर के ठंडे मौसम को देखते हुए प्रतिभागियों को गर्म कपड़े लाने की भी सलाह दी गई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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