
छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा की गाड़ी रविवार को एक सड़क हादसे का शिकार हो गई। यह दुर्घटना बेमेतरा-सिमगा मुख्य मार्ग पर उस समय हुई जब मंत्री कवर्धा के बोड़ला में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, मंत्री टंकराम वर्मा अपनी निजी गाड़ी के बजाय डिप्टी सीएम विजय शर्मा के वाहन में सवार थे। काफिले की गाड़ी अचानक असंतुलित होकर सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया।
सुरक्षित रहे मंत्री और सुरक्षाकर्मी
हादसे की खबर मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई। राहत की बात यह रही कि गाड़ी के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद इसमें सवार किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई है। मंत्री टंकराम वर्मा ने खुद के सुरक्षित होने की पुष्टि करते हुए बताया कि ईश्वर की कृपा से एक बड़ा संकट टल गया। दुर्घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और काफिले के अन्य वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रोककर स्थिति का जायजा लिया।
काफिले की गाड़ी को पहुंचा नुकसान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क पर अचानक आई किसी तकनीकी खामी या परिस्थिति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी की गति बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन टक्कर की वजह से वाहन का अगला हिस्सा काफी ज्यादा पिचक गया है। दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त गाड़ी को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर किनारे किया गया ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित न हो। कुछ समय के लिए आवाजाही रुकी रही, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा बहाल कराया।
पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच
घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर सड़क पर गाड़ी के बेकाबू होने की असली वजह क्या थी। शुरुआती जांच में इसे महज एक सड़क दुर्घटना माना जा रहा है और किसी भी प्रकार की साजिश की बात सामने नहीं आई है। पुलिस अब वाहन की मैकेनिकल जांच कराएगी ताकि यह पता चल सके कि कहीं ब्रेक फेल होने या टायर फटने जैसी कोई तकनीकी वजह तो नहीं थी।
मंत्री ने की सड़क सुरक्षा की अपील
इस डरावने अनुभव के बाद कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने सुरक्षाकर्मियों और जिला प्रशासन की तत्परता की जमकर तारीफ की। उन्होंने आम जनता के लिए भी एक संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने लोगों से गाड़ी चलाते समय बेहद सतर्क रहने और सड़क सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। मंत्री ने कहा कि सड़क पर हुई एक छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा रास्ता है।



