
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। सदन की कार्यवाही की शुरुआत शोक संदेश के साथ होगी, जिसमें अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व विधायक दीनदयाल पोर्ते को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके तुरंत बाद प्रश्नकाल शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कैबिनेट के तीन वरिष्ठ मंत्री विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करेंगे। आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि प्रश्नकाल के ठीक बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्तीय वर्ष 2026-27 का नया बजट सदन की मेज पर रखेंगे।
मुख्यमंत्री से बिजली और प्रशासनिक शिकायतों पर जवाब तलब
प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिजली विभाग और सामान्य प्रशासन से जुड़े मामलों पर जवाब देंगे। उनसे विभाग में खाली पदों को भरने, जूनियर इंजीनियरों के प्रमोशन और पीएम सूर्यघर योजना के लाभान्वितों की संख्या पर सवाल पूछे गए हैं। साथ ही, विपक्ष ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों पर हुई कार्यवाही और कोयला रॉयल्टी में गड़बड़ी की जांच को लेकर भी सरकार को घेरने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री जनदर्शन में आईं शिकायतों के निराकरण की स्थिति पर भी सदन में चर्चा होने की उम्मीद है।
वन और राजस्व मंत्रियों के विभागों पर विपक्ष की नजर
वन मंत्री केदार कश्यप और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से भी उनके विभागों के कामकाज का हिसाब मांगा जाएगा। केदार कश्यप से इंद्रावती टाइगर रिजर्व में हुए कार्यों और रायपुर में यातायात सुधार की प्रस्तावित नीतियों पर प्रश्न किए गए हैं। वहीं, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे, अवैध प्लॉटिंग और आदिवासियों की जमीन की खरीद-बिक्री जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सफाई देनी होगी। विश्वविद्यालयों में हो रही अनियमितताओं और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी आज सदन में गूंजेगा।
ओपी चौधरी पेश करेंगे 1.90 लाख करोड़ का संभावित बजट
वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज छत्तीसगढ़ की जनता के लिए अपनी सरकार का तीसरा बजट पेश करेंगे। जानकारों का अनुमान है कि इस बार बजट का कुल आकार 1 लाख 85 हजार करोड़ से लेकर 1 लाख 90 हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। यह पिछले साल की तुलना में काफी बड़ा बजट होगा। इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा के बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र पर रह सकता है। खासकर बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं होने की संभावना है।
विपक्ष की घेराबंदी और हंगामे के आसार
बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्ष पूरी तरह हमलावर नजर आ रहा है। धान खरीदी, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विपक्षी विधायक सरकार को घेरने के लिए रणनीतियां बना चुके हैं। सत्ता पक्ष की ओर से मंत्रियों ने भी अपने विभागों के आंकड़ों के साथ जवाब देने की तैयारी की है। सदन की कार्यवाही के दौरान तीखी नोकझोंक होने के आसार हैं, क्योंकि विपक्ष बजट की घोषणाओं के साथ-साथ वर्तमान प्रशासनिक खामियों पर भी सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है।



