
छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। नवा रायपुर स्थित विधानसभा के नए और भव्य भवन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज दोपहर 12:30 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल का तीसरा और नए सदन में पेश होने वाला पहला पूर्ण बजट है। बजट से पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर इसे ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की आधारशिला बताया है। माना जा रहा है कि इस बार का बजट न केवल आंकड़ों का खेल होगा, बल्कि इसकी थीम और प्रस्तुतीकरण भी काफी आधुनिक और डिजिटल गवर्नेंस पर आधारित होगा।
आर्थिक सर्वेक्षण के उत्साहजनक आंकड़े: राष्ट्रीय औसत से आगे छत्तीसगढ़
बजट से ठीक एक दिन पहले पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण ने विकास की सुखद तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ की विकास दर (Growth Rate) 8.11 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत से काफी बेहतर है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 1.79 लाख रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। 6.31 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित अर्थव्यवस्था के साथ छत्तीसगढ़ अपने पड़ोसी राज्य झारखंड जैसे राज्यों को पीछे छोड़ चुका है। वित्त मंत्री का दावा है कि प्रशासनिक सुधार और निवेश के कारण राज्य की जीडीपी में 10.50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
बजट में सबसे ज्यादा निगाहें समाज के तीन प्रमुख स्तंभों—किसान, युवा और मातृशक्ति पर टिकी हैं। सरकार महतारी वंदन जैसी योजनाओं के विस्तार के साथ-साथ युवाओं के लिए नई तकनीक और रोजगार के अवसरों के लिए विशेष फंड का प्रावधान कर सकती है। किसानों को खेती में तकनीक के इस्तेमाल और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए नई सौगातें मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह बजट प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए आदिवासियों और गरीबों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देगा।
डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार पर रहेगा फोकस
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि इस बार का बजट टेक्नोलॉजी और पारदर्शिता पर आधारित होगा। सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और सेवाओं के विस्तार के लिए बड़े निवेश का ऐलान हो सकता है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के लिए विशेष आबंटन किया जा सकता है ताकि ‘नवा छत्तीसगढ़’ के सपने को डिजिटल माध्यम से रफ्तार दी जा सके। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी नए बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए बजट में भारी-भरकम राशि रखी जा सकती है।
प्रश्नकाल के साथ होगी सत्र की शुरुआत, विपक्ष भी तैयार
बजट पेश होने से पहले सुबह 11:00 बजे सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। आज सदन में जल संसाधन, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर तीखी चर्चा होने के आसार हैं। विपक्षी विधायक विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों को घेरने की रणनीति बना चुके हैं। हालांकि, सबकी असल उत्सुकता दोपहर साढ़े बारह बजे की है, जब वित्त मंत्री अपना ब्रीफकेस खोलेंगे और यह साफ होगा कि छत्तीसगढ़ की झोली में इस बार क्या-क्या आने वाला है।
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