
रायपुर स्थित शासकीय दिव्यांग कॉलेज में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। छात्रों को संगीत विषय में प्रवेश दिया गया, लेकिन उन्हें पर्यावरण जैसे विषय पढ़ाए जा रहे हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कॉलेज में संगीत के लिए शिक्षकों की नियुक्ति ही नहीं की गई, जबकि हर साल लगभग एक करोड़ रुपये का बजट कॉलेज को मिलता रहा है। अब महिला और बाल विकास विभाग की मंत्री ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही है।
2017 में शुरू हुआ था कॉलेज, लेकिन शिक्षक आज तक नियुक्त नहीं
दिव्यांग महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 में हुई थी। यहां बीपीए और बीएफए कोर्स शुरू किए गए थे और संगीत और चित्रकला के लिए 31 पद स्वीकृत हुए थे। अलग-अलग बैच में 130 छात्रों ने दाखिला लिया, लेकिन अध्यापन के लिए शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए। प्राचार्य को छोड़कर अन्य पद खाली रहे और बाद में कुछ लोगों को हिंदी और पर्यावरण पढ़ाने के लिए रखा गया। इसी वजह से छात्रों को पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
बजट में कमी और संसाधनों की कमी का आरोप
पड़ताल में सामने आया कि स्थापना के समय कॉलेज का वार्षिक बजट लगभग एक करोड़ रुपये था, जो कम होकर अब 57 लाख रह गया है। इसमें से करीब 30 प्रतिशत राशि पेट्रोल और डीजल पर खर्च होती है, जबकि बाकी संभव व्यवस्थाओं में। समाज कल्याण विभाग का कहना है कि शिक्षक न होने की वजह से बजट कम किया गया और जैसे ही नियुक्तियां होंगी खर्च पुनः बढ़ाया जाएगा।
सत्ता परिवर्तन पर आरोप, दो वर्षों में समाधान नहीं
समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गड़बड़ियों के लिए पिछली सरकार को जिम्मेदार बताया है। हालांकि यह सवाल उठ रहा है कि वर्तमान सरकार के लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति में सुधार क्यों नहीं हुआ। मंत्री ने कहा कि विभाग दिव्यांगजनों की शिक्षा को लेकर गंभीर है और जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
एनजीओ को सौंपने पर भी विचार, लेकिन उपयुक्त संस्था नहीं मिली
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक नहीं मिलने पर कॉलेज को किसी एनजीओ को सौंपने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, लेकिन अब तक ऐसा कोई एनजीओ नहीं मिला जो संगीत शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा हो। इससे कॉलेज का संचालन और अधिक प्रभावित हो रहा है।
विभाग का आश्वासन, पद जल्द भरे जाएंगे
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांग छात्रों के लिए संवेदनशीलता जरूरी है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बजट की कमी नहीं है और शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी ताकि छात्रों को सही शिक्षा मिल सके।
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