
CG Vidhan Sabha Live Today: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही आज बेहद खास होने वाली है। सरकार आज तीन प्रमुख विभागों का वार्षिक लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखेगी। इसमें राज्य विद्युत नियामक आयोग, मनरेगा और गौसेवा आयोग की रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्टों के जरिए प्रदेश में बिजली की दरों, ग्रामीण रोजगार की स्थिति और गौवंश संरक्षण के लिए अब तक हुए कार्यों की हकीकत सामने आएगी। विपक्ष इन आंकड़ों के आधार पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।
बिल्डर-अफसर गठजोड़ और अवैध डंपिंग पर बवाल
प्रश्नकाल के दौरान आज राजस्व और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे सदन में गरमाएंगे। बिलासपुर और रायगढ़ जैसे शहरों में कॉलोनाइजर बिल्डर्स और राजस्व अधिकारियों के कथित गठजोड़ का मामला गूंजेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर की जा रही फ्लाई ऐश और कोल डस्ट की अवैध डंपिंग पर भी विधायक तीखे सवाल पूछेंगे। औद्योगिक प्रदूषण से खराब हो रहे पर्यावरण और परिवहन की समस्या पर सरकार से ठोस कार्ययोजना मांगी जाएगी।
किसानों को घटिया बीज वितरण का उठेगा मुद्दा
खेती-किसानी के मोर्चे पर आज सरकार को मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ सकता है। मुंगेली सहित अन्य क्षेत्रों में खरीफ फसल के दौरान किसानों को बांटे गए गुणवत्ताहीन बीजों का मामला सदन में उठाया जाएगा। विधायक पूछेंगे कि बीजों के परीक्षण और वितरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई? इसके अलावा, कृषि प्रदर्शनी और प्रशिक्षण के नाम पर खर्च की गई लाखों की राशि का विवरण भी मांगा जाएगा।
सड़कों पर घूमते आवारा पशु और हाईकोर्ट की सख्ती
प्रदेश में घुमंतू पशुओं की समस्या अब भी बरकरार है, जिसे लेकर हाईकोर्ट भी कई बार कड़े निर्देश दे चुका है। सदन में बालोद सहित अन्य जिलों में आवारा पशुओं की संख्या, उनके रखरखाव के लिए बने गौठानों और कांजी हाउसों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा होगी। विधायक पूछेंगे कि पिछले तीन वर्षों में पशु संरक्षण के नाम पर खर्च हुए करोड़ों रुपये के बावजूद सड़कों पर दुर्घटनाएं और फसल क्षति की घटनाएं क्यों नहीं रुक रही हैं।
देखिये विधानसभा सत्र का सीधा प्रसारण-
कोंडागांव और केशकाल के विकास कार्यों का हिसाब
आदिवासी बाहुल्य कोंडागांव जिले के विकास के लिए मिले फंड का मुद्दा भी आज सदन में गूंजेगा। अनुच्छेद-275 (1) के तहत प्राप्त आवंटन और केशकाल विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति पर सवाल पूछे जाएंगे। विपक्ष उन कार्यों की सूची मांगेगा जो बजट मिलने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। पूंजीगत और राजस्व मद में खर्च हुई राशि का विभागवार ब्योरा मांगा जाना तय है।
वित्त मंत्री से बालोद के बजट प्रस्तावों पर स्पष्टीकरण
संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी से जवाब मांगा जाएगा। विधायक यह जानना चाहते हैं कि बजट में शामिल होने के बावजूद कौन से कार्य वित्त विभाग के पास लंबित हैं। हालांकि, वित्त विभाग ने पहले ही स्पष्ट किया है कि 5 करोड़ रुपये तक की प्रशासकीय स्वीकृति के अधिकार अब संबंधित विभागों को दे दिए गए हैं, ताकि कार्यों में गति आ सके।
छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद और साहित्य अकादमी की कार्यशैली
सांस्कृतिक मुद्दों पर अजय चंद्राकर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल को घेरेंगे। छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के गठन के उद्देश्य, इसमें अब तक हुए संशोधनों और इसके अंतर्गत आने वाली अकादमियों के कामकाज पर सवाल पूछे जाएंगे। साहित्य अकादमी के माध्यम से अब तक किए गए साहित्यिक कार्यों और उन पर हुए खर्च का वर्षवार विवरण मांगा जाएगा ताकि परिषद की उपयोगिता स्पष्ट हो सके।
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग निदेशालय के गठन में देरी पर सवाल
दो साल पहले बजट भाषण में घोषित ‘डायरेक्ट्रेट ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग’ का मुद्दा भी आज सदन में उठेगा। विधायक पूछेंगे कि जब बजट में इसकी घोषणा हुई थी, तो अब तक गठन पूर्ण क्यों नहीं हुआ? इसके साथ ही प्रदेश में एग्रीकल्चर इंजीनियरों के रिक्त पदों, नवीन भर्ती की कार्ययोजना और कृषि महाविद्यालयों में सीटों की स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी।
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