
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का सातवां दिन काफी गहमागहमी भरा रहने वाला है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री विधायकों के तीखे सवालों का सामना करेंगे। आज का एजेंडा काफी व्यस्त है, जिसमें प्रश्नकाल के बाद ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा होनी है। मुख्यमंत्री साय खुद शाम साढ़े पांच बजे तक सदन में मौजूद रहकर महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का पक्ष रखेंगे।
स्मार्ट सिटी और सिरपुर महोत्सव पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
आज सदन की कार्यवाही में ‘स्मार्ट सिटी’ का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाने की उम्मीद है। वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और धरमलाल कौशिक स्मार्ट सिटी योजना के क्रियान्वयन और इससे जुड़ी विसंगतियों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे। इसके साथ ही विधायक द्वारकाधीश यादव सिरपुर महोत्सव के आय-व्यय और प्रबंधन से जुड़े विषयों पर सरकार का ध्यान खींचेंगे। इन प्रस्तावों के जरिए विपक्ष विकास कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करने की तैयारी में है।
सीएम साय और मंत्री केदार कश्यप देंगे सवालों के जवाब
प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अलावा वन मंत्री केदार कश्यप और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा अपने विभागों से संबंधित सवालों का उत्तर देंगे। मंत्रियों के पास वन्यजीवों की सुरक्षा, खेल अधोसंरचना और राजस्व से जुड़े कई जटिल प्रश्न पहुंचने की संभावना है। वहीं, सभापति अमर अग्रवाल सदन के पटल पर विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे, जबकि विधायक शेषराज हरवंश, अंबिका मरकाम और संदीप साहू अपनी याचिकाएं प्रस्तुत करेंगे।
विजय शर्मा और दयालदास बघेल के विभागों की अनुदान मांगों पर बहस
विधायी कार्यों के अगले चरण में डिप्टी सीएम विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल और राजस्व मंत्री राजेश अग्रवाल के विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। गृह और जेल विभाग जैसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो संभाल रहे विजय शर्मा के बजट प्रस्तावों पर विपक्ष की पैनी नजर रहेगी। कानून व्यवस्था और खाद्य आपूर्ति जैसे सीधे जनता से जुड़े विषयों पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
अफीम कांड पर राजनीतिक उबाल: कांग्रेस करेगी भाजपा कार्यालयों का घेराव
सदन के भीतर चल रही कार्यवाही के बीच बाहर भी सियासी पारा चढ़ा हुआ है। अफीम की खेती के मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि 12 मार्च को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भाजपा कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। इस मुद्दे की गूंज आज सदन के भीतर भी सुनाई दे सकती है।
सदन की गरिमा और आगामी कार्ययोजना
बजट सत्र के इस चरण में सरकार की प्राथमिकता अनुदान मांगों को पारित कराकर विकास कार्यों की राह आसान करना है। हालांकि, स्मार्ट सिटी और नशे के कारोबार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष की आक्रामकता सदन की कार्यवाही में बाधा डाल सकती है। आज यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री विपक्ष के आरोपों का किस तरह तार्किक जवाब देते हैं और सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए चर्चा को आगे बढ़ाते हैं।
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