
CG Legislative Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आठवां दिन काफी हंगामेदार रहने की उम्मीद है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। आज विपक्ष ने कई मोर्चों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है, जिसमें आयुष्मान कार्ड की दिक्कतें और उद्योगों से निकलने वाला जहरीला कचरा प्रमुख मुद्दे रहेंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन आज विधायकों के तीखे सवालों का सामना करेंगे। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विभागों की बजट मांगों पर भी विस्तार से चर्चा होनी है।
जंबूरी टेंडर और रसोइयों के मानदेय पर रार: विपक्ष ने कसी कमर
सदन की शुरुआत में ही स्काउट गाइड जंबूरी कार्यक्रम के टेंडर में हुई कथित गड़बड़ियों का मुद्दा गूंज सकता है। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। इसके अलावा, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों का मानदेय लंबे समय से न बढ़ने और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सुविधाओं की कमी को लेकर भी सदन में शोर-शराबे के आसार हैं। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को इन संवेदनशील विषयों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
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आयुष्मान कार्ड और रासायनिक अपशिष्ट: जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यानाकर्षण
आज सदन में स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े दो बड़े मसले उठाए जाएंगे। विधायक कविता प्राण लहरे आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज में आ रही परेशानियों की ओर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगी। दूसरी ओर, विधायक अनुज शर्मा औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले खतरनाक रासायनिक कचरे (Chemical Waste) और उससे बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा उठाएंगे। पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी को इस पर जवाब देना होगा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ शासन क्या कदम उठा रहा है।
अनुदान मांगों पर चर्चा: रामविचार नेताम और ओपी चौधरी रखेंगे पक्ष
विभिन्न विभागों के बजट आवंटन यानी अनुदान मांगों पर भी आज गहन मंथन होगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपने-अपने विभागों की मांगों पर सदन में चर्चा करेंगे। इस दौरान विपक्षी सदस्य बजट आवंटन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा सकते हैं। साथ ही, विधायक लखेश्वर बघेल, राघवेंद्र सिंह और हर्षिता बघेल विभिन्न जनहित की समस्याओं को लेकर अपनी याचिकाएं सदन के पटल पर रखेंगे।
कागजों में सुस्ती और धरातल पर एक्शन: मंत्रियों की होगी अग्निपरीक्षा
सत्र के दौरान आज कई मंत्री अपने विभागों से जुड़े पत्रों और प्रतिवेदनों को पटल पर रखेंगे। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन और मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से उम्मीद की जा रही है कि वे लंबित भर्ती प्रक्रियाओं और स्वास्थ्य अधोसंरचना पर विस्तृत जानकारी देंगे। सदन में जिस तरह का माहौल दिख रहा है, उससे साफ है कि आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होगी। विपक्ष का इरादा सरकार को विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और भर्ती में हो रही देरी पर कटघरे में खड़ा करने का है।
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