
CG Jan Vishwas Bill 2025: छत्तीसगढ़ सरकार आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से जन विश्वास विधेयक विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश करने जा रही है। इस विधेयक के तहत अब अवैध तरीके से घर, दुकान या कॉम्प्लेक्स निर्माण करने पर तीन माह की सजा की जगह केवल 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान होगा। इससे पहले इस तरह के मामलों में सजा और जुर्माना दोनों ही दिए जाते थे।
नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम में बदलाव: शौचालय और निर्माण के नियमों में राहत
नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की विभिन्न धाराओं में भी बदलाव प्रस्तावित हैं। अवैध निर्माण से जुड़ी धारा 69(2) में अब केवल 50 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा। धारा 69(4) में भी सजा की जगह 25 हजार रुपए का जुर्माना प्रस्तावित है। निजी शौचालयों के संचालन में चूक पर भी अब 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि पहले सजा का प्रावधान था।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर बढ़ा जुर्माना
छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 में भी संशोधन किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों — जैसे स्कूल, अस्पताल, पूजा स्थल, रेलवे स्टेशन और आम रास्तों पर शराब पीने पर अब 5,000 रुपए का जुर्माना लगेगा, जो पहले 2,000 रुपए था। वहीं, अवैध शराब की बिक्री, भंडारण और परिवहन पर पहली बार अपराध करने पर 10,000 और दोबारा अपराध करने पर 20,000 रुपए तक जुर्माना व तीन माह की सजा का प्रावधान रहेगा।
औद्योगिक संबंध अधिनियम में लचीलापन: जुर्माना भरने से निपटेगा मामला
औद्योगिक संबंध अधिनियम की धाराएं 86 से 93 तक अब और लचीली बनाई जा रही हैं। विवादों, सुलह और न्यायाधिकरण से संबंधित मामलों में अब अधिकतम 50% राशि जमा कर मामले निपटाए जा सकेंगे। यदि कोई आदेश का पालन नहीं करता है तो 20% अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। साथ ही एक अपराध की पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।



