
CG Teacher Promotion Rules: छत्तीसगढ़ के दुर्ग संभाग में प्राथमिक स्कूलों के सहायक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया विभागीय स्तर पर शुरू कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने संभाग के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पात्र शिक्षकों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। इस बार पदोन्नति की प्रक्रिया में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता ने सेवा अवधि के पुराने गणित को बदल दिया है। नए नियमों के चलते लंबे समय से सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों की राह कठिन नजर आ रही है।
TET अनिवार्यता से 20 से 25 साल पुराने शिक्षकों की बढ़ी मुश्किल
Chhattisgarh Teacher News: प्रमोशन के नए मापदंडों के कारण 20 से 25 साल तक अपनी सेवाएं दे चुके कई वरिष्ठ सहायक शिक्षकों के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं होगा। यदि किसी वरिष्ठ शिक्षक ने TET परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, तो वरिष्ठता सूची में ऊपर होने के बावजूद उनके नाम का प्रस्ताव नहीं भेजा जा सकेगा। इसके विपरीत केवल 5 से 6 साल की सेवा पूरी कर चुके ऐसे जूनियर शिक्षक, जिन्होंने TET पास कर ली है और अन्य योग्यताएं रखते हैं, उन्हें पदोन्नति का लाभ पहले मिल सकता है।
1 अप्रैल 2026 की स्थिति में 5 साल की सेवा जरूरी
School Education Department Update: विभागीय निर्देश के अनुसार सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक (एलबी) और सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) के पदों पर प्रमोशन के लिए 1 अप्रैल 2026 तक न्यूनतम 5 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी होना आवश्यक है। जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं शिक्षकों के नामों पर विचार किया जाएगा जो इस निर्धारित तिथि तक 5 साल की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके हैं और बाकी शैक्षणिक पात्रता भी पूरी करते हैं।
सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला पदों के लिए TET के अलग मापदंड
CG Shikshak Padonnati 2026: पदोन्नति नियम के तहत सहायक शिक्षक और सहायक शिक्षक (एलबी) के लिए प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक दोनों स्तर की TET पास होना अनिवार्य है। वहीं सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) के पद पर पदोन्नति के लिए पूर्व माध्यमिक स्तर की TET उत्तीर्ण होना जरूरी किया गया है। केवल TET पास होना ही काफी नहीं होगा, बल्कि संबंधित शिक्षक के पास पद के अनुरूप तय व्यावसायिक योग्यता और विषय में डिग्री भी होनी चाहिए।
वरिष्ठता सूची के साथ-साथ शैक्षणिक विषय भी तय करेंगे पात्रता
प्रमोशन के लिए 1 अप्रैल 2026 को जारी अंतिम वरिष्ठता सूची को आधार बनाया गया है। ई-संवर्ग में हिन्दी विषय के लिए सरल क्रमांक 5520 और विज्ञान के लिए 6604 तक के शिक्षकों के प्रस्ताव लिए जाएंगे। अंग्रेजी, गणित और संस्कृत विषय में TET उत्तीर्ण सभी पात्र शिक्षकों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। टी-संवर्ग में भी केवल वही शिक्षक शामिल होंगे जो TET के साथ विषय संबंधी अन्य योग्यताएं पूरी करते हैं। इससे साफ है कि इस बार केवल सेवा अवधि नहीं, बल्कि विषय और योग्यता मुख्य आधार होंगे।
संबंधित विषय में स्नातक और सही विषय संयोजन होना अनिवार्य
शिक्षक पद पर पदोन्नति पाने के लिए संबंधित विषय में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत विषय के लिए संबंधित साहित्य विषय में ग्रेजुएशन होना जरूरी है। सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षकों के लिए इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र या राजनीति विज्ञान में से किसी एक विषय के साथ स्नातक होना तय किया गया है। इसी तरह गणित और जीव विज्ञान के लिए भी विभाग ने विशेष विषय संयोजन तय किया है, जिसकी जांच के बाद ही प्रस्ताव स्वीकृत होंगे।
पिछले 5 साल की CR और अचल संपत्ति का ब्योरा देना जरूरी
पदोन्नति प्रस्ताव के साथ शिक्षकों के पिछले 5 वर्षों का रिकॉर्ड भी संलग्न करना होगा। विभाग ने वर्ष 2022 से 2026 तक की गोपनीय चरित्रावली (CR) मांगी है। इसके साथ ही वर्ष 2021 से 2025 तक का अचल संपत्ति विवरण देना भी अनिवार्य किया गया है। शिक्षकों पर लंबित विभागीय जांच, कोर्ट केस, निलंबन और संविलियन से पहले निकाय परिवर्तन की पूरी जानकारी भी प्रस्ताव के साथ जमा करनी होगी।
प्रधान पाठकों को प्रक्रिया से रखा गया बाहर, 7 सितंबर तक जमा करने होंगे प्रस्ताव
इस पदोन्नति प्रक्रिया में प्राथमिक शाला के प्रधान पाठकों को शामिल नहीं किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी शैक्षणिक व प्रशासनिक दस्तावेजों का सूक्ष्म सत्यापन कर लें। पात्र शिक्षकों के विषयवार प्रस्ताव तैयार करके 7 सितंबर 2026 तक संभागीय कार्यालय के स्थापना कक्ष में जमा करने होंगे। इसके बाद विभागीय स्तर पर अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।



