CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें मतदाता सूची पुनरीक्षण में पूर्व विधायक गुलाब कमरो का नाम गायब होने पर सियासी घमासान, आवास मेले में 300 करोड़ के 1371 आवासों की रिकॉर्ड बुकिंग, SIR की डेडलाइन बढ़ाने की मांग तेज; महिला टीचर की झूठी किडनैपिंग कहानी का खुलासा, झीरम हमले के मास्टरमाइंड चैतू समेत 10 नक्सलियों का आत्मसमर्पण; 7 साल से जर्जर रपटा पुल पर ग्रामीणों की जान जोखिम में, निजी स्कूल में छात्र से दुर्व्यवहार पर ABVP का बवाल, चुना खदान के विरोध में 5 गांवों का घेराव; SIR ड्यूटी में शराबी प्रधानाध्यापक निलंबित, शॉर्ट सर्किट से किसान की 4.5 एकड़ धान जलकर राख समेत पढ़ें CG की सभी प्रमुख खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे।
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सियासी तकरार: SIR से पूर्व विधायक गुलाब कमरो का नाम गायब
छत्तीसगढ़ में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है, जब पूर्व कांग्रेस विधायक गुलाब कमरो ने आरोप लगाया कि उनका नाम उनके ही विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से गायब हो गया है। इस गंभीर त्रुटि पर पहले कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने चुनाव आयोग को घेरा और अब खुद कमरो ने राज्य चुनाव आयोग को शिकायती पत्र भेजा है, जिसे कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सवाल उठाया है कि जब पूर्व विधायक का नाम ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सूची में कितनी सुरक्षा है। कांग्रेस SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, जबकि बीजेपी इसे भ्रम फैलाने का प्रयास बताकर चुनाव आयोग का बचाव कर रही है; हालाँकि, देश भर में (जैसे पश्चिम बंगाल, यूपी, एमपी) SIR की जल्दबाजी और तकनीकी विसंगतियों को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों के नेताओं द्वारा चिंता व्यक्त की जा रही है।
आवास मेले में रिकॉर्ड तोड़ उत्साह: 300 करोड़ से अधिक के 1371 आवासों की बुकिंग
छत्तीसगढ़ हाऊसिंग बोर्ड द्वारा आयोजित आवास मेला 2025 में प्रदेशभर के लोगों ने भारी उत्साह दिखाया। चार दिनों में 300 करोड़ से अधिक के 1371 आवासों की रिकॉर्ड बुकिंग हुई। हाउसिंग बोर्ड के इतिहास में एक ही दिन में 560 से अधिक आवासों की बुकिंग हुई, जो अब तक का सर्वाधिक है। रायपुर जिले में 205 करोड़ के 921 आवास बुक हुए, जबकि MIG, LIG और EWS तीनों श्रेणियों में जबरदस्त प्रतिसाद मिला है। बोर्ड ने 30 नवंबर तक केवल 1 प्रतिशत राशि में बुकिंग की सुविधा दी है।
मतदाता सूची सुधार की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग: पीसीसी चीफ ने BLO की परेशानी का मुद्दा उठाया
छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) की अंतिम तिथि 4 दिसंबर को करीब देखते हुए, पीसीसी चीफ दीपक बैज ने इसे बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीएलओ (BLO) परेशान हैं और इतने कम समय में काम पूरा होना संभव नहीं है। बैज ने ज़मीन की गाइडलाइन दरें 10 गुना बढ़ाने पर भी चिंता व्यक्त की और सुधार न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
किडनैपिंग की झूठी कहानी रचने वाली महिला टीचर का खुलासा, पुलिस ने संदिग्ध को किया गिरफ्तार
दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र में स्कूल जाने निकली महिला टीचर राधा साहू (43) के अपहरण का मामला सामने आया था, जहाँ किडनैपर ने पति को पेड़ से बंधी महिला की फोटो भेजकर 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सकुशल बरामद कर लिया और एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। हालाँकि, पूछताछ के बाद पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह बात सामने आई है कि महिला टीचर ने कथित किडनैपर के साथ मिलकर पैसों की मांग करने की झूठी कहानी रची थी, जिसके वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
झीरम हमले का मास्टरमाइंड चैतू समेत 10 इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण, संगठन को लगा बड़ा झटका
छत्तीसगढ़ में नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है, जहाँ झीरम हमले के कुख्यात मास्टरमाइंड और DKSZC के वरिष्ठ सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा समेत कुल 10 माओवादी कैडरों ने बस्तर में ‘पूना मारगेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) पहल के तहत समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। इन आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसमें अकेले चैतू पर 25 लाख रुपये का इनाम था। शौर्य भवन, लालबाग में आयोजित कार्यक्रम में इन सभी कैडरों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया गया।
जर्जर रपटा पुल से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी: 7 साल से क्षतिग्रस्त पुल का अब तक नहीं हुआ सुधार
तखतपुर क्षेत्र में दो जिलों के 15 से 20 गांवों को जोड़ने वाला रबेली पंचधार रपटा पुल सात वर्ष पहले बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद भी अब तक जस का तस बना हुआ है। पुल की मिट्टी धंस चुकी है और सरिया बाहर निकल आई है। इसके बावजूद ग्रामीण रोज़ाना जान जोखिम में डालकर इसे पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की है।
निजी स्कूल में छात्र से दुर्व्यवहार पर बवाल: ABVP कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का गेट और रेलिंग तोड़ी
सूरजपुर के एक निजी स्कूल में KG 2 के छात्र को पेड़ में लटकाने के मामले पर विरोध प्रदर्शन के दौरान ABVP के छात्रों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जमकर उत्पात मचाया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और कलेक्टर के केबिन के पास लगी रेलिंग को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। जिला प्रशासन अब तोड़फोड़ करने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही करने की बात कह रहा है।
खनन परियोजना पर घमासान: 5 गांवों के ग्रामीणों ने चुना पत्थर खदान के विरोध में घेरा पर्यावरण मंडल कार्यालय
छुईखदान क्षेत्र में प्रस्तावित चुना पत्थर खदान को लेकर पांच गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने भिलाई स्थित पर्यावरण संरक्षण मंडल कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान खुलने से जलस्रोतों का दोहन होगा, भूमिगत जलस्तर प्रभावित होगा और उनके कृषि व आजीविका पर संकट आएगा। ग्रामीणों ने खदान की अनुमति रद्द करने की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
निर्वाचन कार्य में लापरवाही और दुर्व्यवहार: शराब के नशे में पाए गए प्रधानाध्यापक निलंबित
जगदलपुर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य (SIR) के दौरान लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में प्रधानाध्यापक स्वतंत्र अवस्थी को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम बकावण्ड के निरीक्षण के दौरान अवस्थी न केवल कार्य में लापरवाह पाए गए, बल्कि शराब के नशे में थे और उन्होंने अधिकारी से अभद्र व्यवहार किया। मेडिकल परीक्षण में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
बिजली विभाग की लापरवाही: शॉर्ट सर्किट से किसान की 4.5 एकड़ धान जलकर राख
ग्राम गुड़ी देउरपारा में विद्युत विभाग की 11 केवी हाईटेंशन लाइन में शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारी से किसान अश्वनी साहू की साढ़े चार एकड़ की तुलसी मंजरी किस्म की धान जलकर राख हो गई। किसान ने आरोप लगाया कि जर्जर तारों की शिकायत के बावजूद विभाग ने मरम्मत नहीं की। किसान ने प्रशासन से अपनी साढ़े तीन लाख रुपये की फसल के नुकसान के लिए तत्काल मुआवजा और क्षतिपूर्ति की मांग की है।



