CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें रायपुर में डीएड अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन, डोंगरगढ़ में गैस संकट से मंदिर प्रभावित, विधानसभा में 140 करोड़ सड़क घोटाले पर हंगामा, हाईकोर्ट से किसान को राहत, दीपक बैज का सरकार पर हमला, भिलाई यस बैंक घोटाले की CBI जांच, जांजगीर में फर्जी मौत कांड, विदेश से MBBS छात्रों को झटका, IAS रवि मित्तल को PMO में बड़ी जिम्मेदारी और शहर विकास के नए कानून को मंजूरी समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
रायपुर में बवाल: डीएड अभ्यर्थियों की कलश यात्रा पुलिस ने रोकी
राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर पिछले 86 दिनों से अपनी मांगों को लेकर बैठे डीएड अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के मौके पर इन अभ्यर्थियों ने ‘मां शीतला न्याय कलश यात्रा’ निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। 2300 सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग कर रहे इन प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आस्था और हक की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कड़ी धूप में घंटों रोक कर रखा। जशपुर और बस्तर जैसे दूरदराज इलाकों से आए इन युवाओं का कहना है कि विभाग कोर्ट के आदेशों की भी अनदेखी कर रहा है।
डोंगरगढ़ में गैस का संकट: चूल्हे पर बन रहा मां बम्लेश्वरी का भोग
विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल डोंगरगढ़ में चैत्र नवरात्रि के दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट को अब लकड़ियों और चूल्हे के भरोसे श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करना पड़ रहा है। ट्रस्ट ने प्रशासन से 100 सिलेंडरों की मांग की थी, लेकिन अनुमति मिलने के बाद भी सप्लाई नहीं पहुंच पाई। इसका असर सिर्फ मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि मेले में आए व्यापारियों को भी हजारों रुपये खर्च कर जलाऊ लकड़ी खरीदनी पड़ रही है। प्रशासन का कहना है कि नियम के तहत पिछले महीने की खपत का केवल 20 प्रतिशत ही कोटा दिया जा रहा है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विधानसभा में उठा सड़क घोटाले का मामला: होगी विभागीय जांच
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत बिना बजट प्रावधान के 140 करोड़ रुपये के भुगतान का मामला गरमाया। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान नियम विरुद्ध तरीके से टेंडर निकालकर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया। सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई और विपक्ष ने इसकी जांच सीबीआई या विधानसभा की समिति से कराने की मांग की। हालांकि, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस मामले की विशेष अधिकारी के जरिए विभागीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
किसान की जीत: हाईकोर्ट ने दिया 84 क्विंटल धान खरीदने का आदेश
सक्ती जिले के एक किसान लक्ष्मण कुमार चंद्रा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। किसान का आरोप था कि समिति ने स्टॉक वेरिफिकेशन का बहाना बनाकर उसका 84 क्विंटल धान खरीदने से मना कर दिया था। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासन और हसौद मंडी को निर्देश दिया है कि किसान का बकाया धान 30 दिनों के भीतर खरीदा जाए। कोर्ट ने माना कि किसान ने वैध तरीके से खेती की थी और केवल भंडारण की जगह अलग होने के आधार पर उसकी मेहनत की फसल को खरीदने से इनकार नहीं किया जा सकता।
दीपक बैज का हमला: आदिवासी परिषद और कानून व्यवस्था पर घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दिल्ली से लौटते ही राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में ‘आदिवासी सलाहकार परिषद’ का गठन करेगी जो सीधे पीसीसी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बैज ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर भी सवाल उठाया कि जब यह बिल 2006 से लंबित था, तो अब अचानक इसे लाने की क्या जरूरत पड़ी। उन्होंने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और परीक्षाओं में हो रही धांधली को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि पुलिस भर्ती से लेकर बोर्ड परीक्षाओं तक में भ्रष्टाचार हावी है।
भिलाई यस बैंक घोटाला: अब सीबीआई करेगी 165 करोड़ की जांच
बिलासपुर हाईकोर्ट ने भिलाई के बहुचर्चित 165 करोड़ रुपये के यस बैंक घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की पीठ ने राज्य पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए कहा कि अब तक की कार्रवाई में पारदर्शिता की कमी दिखी है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस बड़े आर्थिक अपराध में तथ्यों को छुपाने की कोशिश की गई है। यस बैंक प्रबंधन पर भी जांच में सहयोग न करने का आरोप लगा है। अब केंद्रीय एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और संदिग्ध लेनदेन की गहराई से जांच करेगी।
जांजगीर में धोखाधड़ी: पत्नी की फर्जी मौत दिखाकर हड़पे पैसे
जांजगीर-चांपा जिले में एक शख्स ने सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए अपनी जीवित पत्नी को कागजों पर मृत घोषित कर दिया। आरोपी अशोक पटेल ने पंचायत सचिव के साथ मिलकर पत्नी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु सहायता योजना’ के तहत 1 लाख रुपये निकाल लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल पंचायत सचिव फिलहाल फरार है।
विदेश से एमबीबीएस करने वालों को झटका: ऑनलाइन डिग्री नहीं होगी मान्य
नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) के नए नियमों ने छत्तीसगढ़ के करीब 1800 मेडिकल छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। काउंसिल ने साफ कर दिया है कि कोरोना काल के दौरान विदेश से ऑनलाइन पढ़ाई कर ली गई एमबीबीएस की डिग्री को सीधे मान्यता नहीं दी जाएगी। जिन छात्रों ने रूस, यूक्रेन या कजाकिस्तान जैसे देशों से ऑनलाइन क्लास ली हैं, उन्हें अब वापस उन्हीं देशों में जाकर अपनी फिजिकल ट्रेनिंग और ऑफलाइन पढ़ाई पूरी करनी होगी। इसके बिना उन्हें भारत में डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करने का लाइसेंस नहीं मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के आईएएस रवि मित्तल को पीएमओ में मिली जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी रवि मित्तल को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त किया गया है। रवि मित्तल वर्तमान में जनसंपर्क आयुक्त के पद पर तैनात थे और इससे पहले जशपुर कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है। उनकी यह नियुक्ति चार साल के कार्यकाल के लिए की गई है।
शहरों के विकास के लिए नया कानून: विधानसभा में विधेयक पारित
छत्तीसगढ़ विधानसभा ने ‘नगर तथा ग्राम निवेश संशोधन विधेयक 2026’ को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में बताया कि इस कानून का मकसद शहरों में होने वाली अवैध प्लॉटिंग को रोकना और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है। अब रायपुर विकास प्राधिकरण के अलावा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और औद्योगिक विकास निगम जैसी एजेंसियां भी नगर विकास योजनाएं तैयार कर सकेंगी। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से शहरों का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से होगा और लोगों को बुनियादी सुविधाएं बेहतर मिलेंगी।



