
छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य के 2.80 करोड़ मतदाताओं को इस दौरान गणना-प्रपत्र फॉर्म भरना होगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि करीब 95% लोगों को कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस अभियान के लिए प्रदेशभर में 30 हजार से अधिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार मतदाता सूची पुनरीक्षण पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। प्रदेश के 2 करोड़ 80 लाख से अधिक मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
उन्होंने बताया कि मुद्रण और प्रशिक्षण चरण 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान सभी अधिकारियों को मतदाता सूची के प्रारूप और बूथवार जिम्मेदारियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद घर-घर गणना (डोर टू डोर वेरिफिकेशन) का कार्य 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा।

किन दस्तावेजों से होगा मतदाता सत्यापन
SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सत्यापन के लिए आयोग ने कई दस्तावेजों को मान्यता दी है। इनमें प्रमुख हैं—
- सरकारी या PSU कर्मचारियों के लिए जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश
- 1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई सरकारी दस्तावेज या प्रमाणपत्र
- जन्म प्रमाणपत्र या पासपोर्ट
- मेट्रिकुलेशन या अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र
- स्थायी निवास प्रमाणपत्र या वन अधिकार प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाणपत्र (OBC/SC/ST)
- परिवार रजिस्टर या भूमि/मकान आवंटन दस्तावेज
- आधार से जुड़े निर्देश आयोग के पत्रांक 23/2025-ERS/Vol.II (दिनांक 09.09.2025) के अनुसार लागू होंगे
BLO घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन
मतदाता सूची पुनरीक्षण में 30 हजार बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) को तैनात किया गया है। वे घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच करेंगे और नए मतदाताओं के आवेदन स्वीकार करेंगे। प्रत्येक परिवार से गणना-प्रपत्र फॉर्म भरवाया जाएगा, जिसमें व्यक्तिगत जानकारी और पात्रता की पुष्टि होगी।

9 दिसंबर को जारी होगी मसौदा सूची
SIR प्रक्रिया के अंतर्गत मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर 2025 को जारी की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक नागरिक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जो आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए आधार बनेगी।
प्रदेश में 2 करोड़ 12 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता
राज्य में फिलहाल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार मतदाता पंजीकृत हैं। आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी योग्य नागरिक सूची से न छूटे और कोई अपात्र व्यक्ति शामिल न हो।
95% मतदाताओं को नहीं देना होगा दस्तावेज
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि करीब 95% मतदाताओं को कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि उनका रिकॉर्ड पहले से सत्यापित है। केवल नए मतदाताओं या जिनकी जानकारी में बदलाव हुआ है, उन्हें ही प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।

क्या है SIR प्रक्रिया?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है जिसके तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाता है।
- इसमें 18 वर्ष से ऊपर के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है।
- जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो दूसरी जगह स्थानांतरित हो गए हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं।
- मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में हुई गलतियों को ठीक किया जाता है।
- BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं ताकि सूची अधिक सटीक और अद्यतन रहे।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र नाम शामिल न हो।
एक नजर में SIR की पूरी टाइमलाइन
| चरण | अवधि |
|---|---|
| मुद्रण/प्रशिक्षण | 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 |
| घर-घर गणना (डोर टू डोर वेरिफिकेशन) | 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 |
| मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन | 9 दिसंबर 2025 |
| दावे और आपत्तियां | 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 |
| सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया | 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 |
| अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन | 7 फरवरी 2026 |



