CGPSC 2021 फर्जीवाड़ा: हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा- ‘जब पेपर लीक हो गया, तो परीक्षा रद्द करने पर विचार क्यों नहीं?’ CBI जाँच की स्टेटस रिपोर्ट माँगी

बिलासपुर: CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित 2021 परीक्षा में फर्जीवाड़े को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। CGPSC 2021 फर्जीवाड़ा मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि, “जब आखिरी समय में पेपर लीक हो गया था, तब परीक्षा को रद्द करने के निर्णय पर विचार क्यों नहीं किया जाना चाहिए?”

यह सुनवाई सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा दायर अपील पर की गई।

हाई कोर्ट ने CBI जाँच पर माँगी स्टेटस रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के लॉ अफसरों ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा नियंत्रक को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है। इस पर हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कई अहम सवाल किए:

  • जाँच पर सवाल: कोर्ट ने पूछा कि परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी के बाद भी जाँच अधूरी क्यों है?
  • उम्मीदवारों की स्थिति: हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा कि 37 उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति आदेश क्यों नहीं जारी किए गए हैं? उन्हें अनिश्चितता में क्यों रखा गया है?
  • चार्जशीट में नाम कम होने पर आपत्ति: राज्य सरकार ने बताया कि अभी 17 उम्मीदवारों की भूमिका की जाँच चल रही है। इस पर बेंच ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि पिछली रिपोर्ट में 41 नाम थे, तो अब केवल 17 पर जाँच क्यों चल रही है? बाकी उम्मीदवारों का क्या हुआ?

डिवीजन बेंच ने पीएससी द्वारा चुने गए उम्मीदवारों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि, जो लोग सिलेक्शन लिस्ट में शामिल हैं, वे आज भी डेडलॉक की स्थिति में हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई के दौरान CBI जाँच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अन्य उम्मीदवारों और पीएससी अधिकारियों की भूमिका की जाँच कहाँ तक पहुँची है, इस पर भी रिपोर्ट माँगी है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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