
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी को आयोजित होने जा रही है। इस बार आयोग ने समय की पाबंदी को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। परीक्षा शुरू होने से ठीक 15 मिनट पहले केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी स्थिति में परीक्षार्थी को अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। आयोग ने साफ कर दिया है कि समय का निर्धारण केवल केंद्राध्यक्ष की घड़ी के अनुसार ही होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्र के साथ केंद्र पर काफी पहले पहुंच जाएं ताकि अंतिम समय की भागदौड़ से बचा जा सके।
जूते-मोजे और स्मार्ट वॉच पर पाबंदी, लागू हुआ सख्त ड्रेस कोड
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने इस बार सख्त ड्रेस कोड लागू किया है। परीक्षा हॉल में मोटे सोल वाले जूते, ऊंची हील वाले सैंडल और मोजे पहनकर जाना वर्जित है। परीक्षार्थियों को साधारण चप्पल या कम सोल वाले फुटवियर पहनने की सलाह दी गई है। इसके अलावा किसी भी तरह की घड़ी, चाहे वह स्मार्ट हो या साधारण, पूरी तरह प्रतिबंधित है। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर और डिजिटल डायरी जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि विशेष प्रकार के चश्मे या डिजिटल ग्लासेस पहनकर आने वालों को भी एंट्री नहीं दी जाएगी।
ओएमआर शीट भरने में बरतें सावधानी, प्रश्नपत्र की जांच जरूरी
परीक्षा कक्ष में ओएमआर शीट भरने से पहले अभ्यर्थियों को अपना प्रश्नपत्र अच्छी तरह जांच लेना चाहिए। यदि प्रश्नपत्र का कोई पन्ना फटा हुआ या गायब है, तो उसे तुरंत निरीक्षक से कहकर बदलवा लें। सही सेट मिलने के बाद ही ओएमआर पर गोला भरें। परीक्षा शुरू होने से पहले मिलने वाले 10 मिनट के समय में ही अपनी व्यक्तिगत जानकारी और रोल नंबर जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। ध्यान रहे कि उत्तर पुस्तिका में निर्धारित जगह के अलावा कहीं भी कोई निशान बनाना या नाम लिखना आपकी परीक्षा निरस्त करवा सकता है।
परीक्षा के दौरान बाहर जाने पर रोक, जमा करनी होगी उत्तर पुस्तिका
नियमों के अनुसार परीक्षा शुरू होने के पहले आधे घंटे और खत्म होने से 15 मिनट पहले किसी भी छात्र को कक्ष से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। बेहद जरूरी होने पर ही कड़ी निगरानी में बाहर जाने दिया जाएगा। परीक्षा खत्म होने के बाद अपनी उत्तर पुस्तिका निरीक्षक को सौंपना अनिवार्य है। बिना कॉपी जमा किए क्लास छोड़ना नियम विरुद्ध माना जाएगा और इसके लिए उम्मीदवार पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर करने के लिए केवल काले या नीले बॉल पॉइंट पेन का ही इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
नकल करने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई, ऑनलाइन दर्ज होगी आपत्ति
आयोग ने चेतावनी दी है कि परीक्षा के दौरान नकल करना, आपस में बातचीत करना या प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी तैयार करना दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर न केवल उस दिन की परीक्षा रद्द होगी, बल्कि अभ्यर्थी को भविष्य में होने वाली सभी सरकारी परीक्षाओं से हमेशा के लिए बाहर किया जा सकता है। यदि किसी परीक्षार्थी को किसी सवाल या उसके विकल्प को लेकर कोई शंका है, तो वह परीक्षा के बाद निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेगा। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर केंद्र पर फ्लाइंग स्क्वाड की भी नजर रहेगी।



