
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन आज कई मायनों में अहम रहने वाला है। कार्यसूची लंबी है और अलग अलग विभागों से जुड़े मुद्दों पर सीधी चर्चा होगी। मंत्रियों से सवाल पूछे जाएंगे, पहले से लंबित प्रश्नों के जवाब सामने आएंगे और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर बहस होगी। इसके साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर भी विस्तृत चर्चा तय है। ऐसे में सदन का माहौल पूरे दिन सक्रिय रहने की संभावना है।
प्रश्नकाल में इन मंत्रियों पर रहेगी नजर
आज प्रश्नकाल के दौरान अलग अलग विभागों से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए मंत्री अरुण साव, गजेन्द्र यादव और लखनलाल देवांगन सदन में मौजूद रहेंगे। सदस्यों ने जिन विषयों पर सवाल लगाए हैं, उनमें विकास कार्य, योजनाओं की स्थिति और विभागीय निर्णय शामिल हैं। विपक्ष इन जवाबों के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, जबकि मंत्री अपने विभाग का पक्ष रखेंगे।
पटल पर रखे जाएंगे विभागीय दस्तावेज
आज सदन की कार्यवाही के दौरान कई अहम दस्तावेज पटल पर रखे जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मंत्री गुरु खुशवंत अपने अपने विभागों से जुड़ी रिपोर्ट और कागजात पेश करेंगे।
नवंबर और दिसंबर 2025 के सत्र में जिन प्रश्नों के उत्तर अधूरे रह गए थे, उनके पूरे जवाब भी आज सदन के पटल पर रखे जाएंगे। इससे सदस्यों को पुराने मामलों पर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
सूचनाओं का संकलन और विधेयकों की जानकारी
सदन में अब तक पढ़ी गई सूचनाओं और उन पर दिए गए उत्तरों का संकलन भी प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही राज्यपाल की अनुमति से पारित विधेयकों की जानकारी भी सदस्यों के सामने रखी जाएगी। यह प्रक्रिया औपचारिक जरूर है, लेकिन इससे विधायी कामकाज की तस्वीर साफ होती है।
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में उठेंगे ये मुद्दे
आज दो प्रमुख मुद्दों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए चर्चा होगी।
पहला मुद्दा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से जुड़ा है। इसे विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक उठाएंगे। वे राज्य में बढ़ते अवैध कारोबार पर सरकार का रुख जानना चाहेंगे।
दूसरा मामला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित है। इसे विधायक राघवेंद्र सिंह सदन में उठाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
अनुपस्थिति की अनुमति और याचिकाएं
आज की कार्यवाही में मंत्री दयालदास बघेल और विधायक रेणुका सिंह अपनी अनुपस्थिति की अनुमति सदन को सौंपेंगे। वहीं विधायक भावना बोहरा और रोहित साहू अपनी याचिकाएं प्रस्तुत करेंगे। इन याचिकाओं के जरिए वे अपने क्षेत्र या किसी विशेष विषय से जुड़ी मांगों को सदन के सामने रखेंगे।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा
दिन का सबसे बड़ा राजनीतिक हिस्सा राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा रहेगा। इसमें सरकार की नीतियों, आगामी योजनाओं और प्राथमिकताओं पर बात होगी। सत्ता पक्ष इसे अपनी उपलब्धियों और योजनाओं का खाका बताएगा, जबकि विपक्ष सवालों के साथ अपनी आपत्तियां दर्ज करेगा।
कुल मिलाकर आज का दिन विधानसभा में जवाबदेही, दस्तावेजी कामकाज और राजनीतिक बहस तीनों का मेल लेकर आ रहा है। सदन की कार्यवाही से यह साफ होगा कि सरकार अपने दावों पर कितना ठोस जवाब दे पाती है और विपक्ष किन मुद्दों को आगे बढ़ाता है।



