Chhattisgarh Assembly Winter Session 2025: नए विधानसभा भवन में आज से शीतकालीन सत्र, पहले दिन कांग्रेस का बहिष्कार

Chhattisgarh Assembly Winter Session 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज रविवार से हो रही है। नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन में यह पहला शीतकालीन सत्र है। सत्र 17 दिसंबर तक चलेगा और कुल चार कार्यदिवस तय किए गए हैं। पहले दिन सदन में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा रखी गई है।

पहले दिन नहीं होगा प्रश्नकाल

सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने बहिष्कार का फैसला किया है। इस कारण सदन में केवल भाजपा विधायक मौजूद रहेंगे। कांग्रेस की गैरमौजूदगी के चलते आज प्रश्नकाल नहीं होगा। सदन की कार्यवाही सीधे विजन 2047 पर चर्चा से शुरू होगी।

15 दिसंबर से गरमाएगा सदन, कई मुद्दों पर हंगामे के आसार

15 दिसंबर से 17 दिसंबर तक चलने वाले सत्र के दौरान सदन का माहौल गरम रहने की संभावना है। इस दौरान कानून व्यवस्था, धान खरीदी, बिजली की बढ़ती दरें और जमीन की गाइडलाइन दर जैसे मुद्दों पर तीखी बहस हो सकती है। इन विषयों पर कांग्रेस के साथ भाजपा विधायक भी मंत्रियों से सवाल पूछेंगे।

628 सवालों के जवाब देंगे मंत्री

शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों की ओर से कुल 628 सवाल लगाए गए हैं। इन सभी सवालों के जवाब संबंधित मंत्रियों को सदन में देने होंगे। माना जा रहा है कि प्रश्नकाल के दौरान कई विभागों की कार्यप्रणाली पर चर्चा होगी।

धर्मांतरण विधेयक सत्र का बड़ा मुद्दा

Chhattisgarh Assembly Winter Session 2025 में सबसे अहम मुद्दा धर्मांतरण से जुड़ा हो सकता है। जानकारी के मुताबिक सरकार धर्मांतरण कानून में संशोधन से संबंधित विधेयक सदन में पेश कर सकती है। इस प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।

विजन 2047 पर विपक्ष का हमला

नेता प्रतिपक्ष ने विजन 2047 को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस योजना के नाम पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है और इसमें प्रदेश की माटी और लोगों के लिए ठोस प्रावधान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में चाकूबाजी और हत्याओं की घटनाएं बढ़ रही हैं, किसानों को धान खरीदी के लिए टोकन नहीं मिल पा रहे हैं, बिजली के बिल लगातार बढ़ रहे हैं और जमीन की गाइडलाइन दरों में बदलाव किया जा रहा है।

तत्काल समस्याओं की अनदेखी का आरोप

विपक्ष का आरोप है कि सरकार जमीनी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय विजन 2047 के जरिए दूर के सपने दिखा रही है। नेता प्रतिपक्ष के अनुसार प्रदेश की मौजूदा चुनौतियों पर ठोस फैसलों की जरूरत है, लेकिन सरकार प्राथमिक मुद्दों से बच रही है।

आगामी दिनों में सियासी टकराव तय

नए विधानसभा भवन में हो रहे इस पहले शीतकालीन सत्र से काफी उम्मीदें जुड़ी हैं। हालांकि कांग्रेस के बहिष्कार और प्रस्तावित विधेयकों को देखते हुए यह साफ है कि Chhattisgarh Assembly Winter Session 2025 के आने वाले दिन राजनीतिक टकराव और तीखी बहस से भरे रहेंगे।

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