D.Ed Candidates Protest Raipur: 293 दिनों से डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी, कोर्ट के आदेश के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने पर फिर शुरू किया आमरण अनशन, कहा- या तो नौकरी मिलेगी या निकलेगी अर्थी

D.Ed Trainee Protest Raipur: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक के पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराने तथा 1316 सहायक शिक्षकों के पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर एक बार फिर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 293 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

10 महीने से नियुक्ति का इंतजार और अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान

CG D.Ed Protest Update: छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक के 1316 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी। भर्ती के नतीजे और पात्रता सूची जारी होने के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिल सके हैं। इसी मुख्य मांग को लेकर डीएड प्रशिक्षित बेरोजगार युवा 24 दिसंबर 2025 से तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। करीब 10 महीने तक लंबा इंतजार करने के बाद भी जब प्रशासनिक स्तर पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो अभ्यर्थियों ने बाध्य होकर अपने आंदोलन को आमरण अनशन में बदलने का बड़ा कदम उठाया है।

पूर्व में मिले आश्वासनों के पूरा न होने से युवाओं में उपजा गहरा आक्रोश

Tuta Dharna Sthal Raipur Protest 2026: आमरण अनशन पर बैठे युवाओं का आरोप है कि इससे पहले भी कई बार वरिष्ठ स्तर पर आश्वासन देकर उनसे आंदोलन और भूख हड़ताल समाप्त कराई गई थी, लेकिन उनकी नियुक्ति का मुद्दा जस का तस बना रहा। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस बार वे केवल मौखिक आश्वासनों के भरोसे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। आंदोलनकारी युवाओं ने दोटूक शब्दों में कहा है कि इस बार आर-पार की लड़ाई होगी और वे नियुक्ति का आदेश लेकर ही अपने घर लौटेंगे, अन्यथा उनकी अर्थी ही धरना स्थल से उठेगी।

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया ठप

अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग और शासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद 1316 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को जानबूझकर आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। कानूनी मोर्चों पर राहत मिलने के बाद भी जमीनी स्तर पर नियुक्ति न मिलने से युवाओं में निराशा और गुस्सा दोनों बढ़ रहा है। अभ्यर्थियों ने सरकार से अपील की है कि वे बिना किसी और देरी के न्यायसंगत निर्णय लें और पात्र युवाओं को उनका हक दें।

जिला प्रशासन को दी गई सूचना, शांतिपूर्ण दायरे में चल रहा अनशन

भूख हड़ताल शुरू करने से पहले अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन को लिखित रूप से इसकी पूरी सूचना दे दी थी, जिसमें आवश्यक सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया था। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह अनशन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अहिंसक और संवैधानिक दायरे में रहेगा। इस अनशन में संजय कुमार, अमित कुमार, भागवत कुमार और पवित्रा समेत कई अन्य प्रशिक्षित अभ्यर्थी शामिल हैं, जो अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर डटे हुए हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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