VIDEO: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी, बीजापुर-दंतेवाड़ा, कांकेर और बालोद में जनजीवन प्रभावित, नदी में बहा ट्रक

Chhattisgarh Heavy Rain Blast: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का सीधा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मौसम पर देखने को मिल रहा है। बस्तर संभाग समेत राज्य के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले अपने उफान पर हैं और कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील और तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।

जगदलपुर में बाढ़ जैसे हालात और सड़कों पर भरा पानी

Jagdalpur Mahanadi Flood Alert:जगदलपुर शहर में बीते तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। शहर की प्रमुख सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। जगदलपुर से बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिमरापाल के पास पानी भर जाने से वाहनों का चलना बंद हो गया है। राहत कार्यों के लिए नगर निगम की आपदा प्रबंधन टीम के साथ SDRF को भी तैनात किया गया है।

ओडिशा के खाटीगुडा डैम से पानी छूटते ही इंद्रावती नदी उफान पर

Durg Bhilai Waterlogging Crisis: भारी बारिश के बीच पड़ोसी राज्य ओडिशा स्थित खाटीगुडा डैम के गेट खोल दिए गए हैं। डैम से लगभग 5 लाख घन मीटर पानी छोड़े जाने के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने को कहा गया है। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रही हैं।

गंगरेल बांध के खुले 10 गेट और महानदी में छोड़ा पानी

Dhamtari Gangrel Dam: धमतरी जिले में हो रही वर्षा से जलाशयों में पानी की भारी आवक हो रही है। मुख्य गंगरेल बांध का जलस्तर 98 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद इसके 14 में से 10 गेट खोल दिए गए हैं। रुद्री बैराज के माध्यम से लगभग 50 हजार क्यूसेक पानी महानदी में बहाया जा रहा है। मुरुमसिल्ली बांध शत-प्रतिशत भर गया है, वहीं दुधावा और सोंढुर जलाशयों में भी 90 प्रतिशत से अधिक पानी भर चुका है। इसके चलते महानदी के मैदानी तटीय गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

दूध नदी में बाढ़ से आमाबेड़ा क्षेत्र के 70 गांवों का संपर्क टूटा

Kanker Balod Rain Relief Update: कांकेर जिले में दूध नदी और हटकुल नदी के उफान पर आने से स्थिति बिगड़ गई है। दूध नदी में आए तेज उफान के कारण आमाबेड़ा-धनोरा मार्ग और कांकेर-आमाबेड़ा मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। इस वजह से आमाबेड़ा इलाके के करीब 70 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय कांकेर से सीधा संपर्क कट गया है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने उफनते पुल-पुलियों के पास बैरिकेड्स लगाकर आवागमन रोक दिया है।

बालोद जिले में आज सभी स्कूल बंद और परीक्षा स्थगित

Balod Weather Update: मौसम के मिजाज और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बालोद जिला प्रशासन ने 25 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। इस आदेश के तहत शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 25 सितंबर को होने वाली शालेय परीक्षाएं अब 28 सितंबर को अपने निर्धारित समय पर आयोजित की जाएंगी। बालोद शहर में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से कई बस्तियों में पानी भर गया है।

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दुर्ग-भिलाई के अंडरब्रिज पानी से भरे और हजारों लोग फंसे

Durg-Bhilai Weather Update: मैदानी इलाके दुर्ग में मूसलाधार बारिश का व्यापक असर देखा जा रहा है। शहर के सुपेला और दक्षिण गंगोत्री स्थित दोनों अंडरब्रिज में लबालब पानी भर जाने से यातायात ठप हो गया है। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों को अब लंबे रास्तों से होकर अपने गंतव्य तक जाना पड़ रहा है।

उफनती नदियों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील

Kanker Balod Rain Relief Update: छत्तीसगढ़ के बस्तर से लेकर मैदानी जिलों तक बारिश से उपजे हालातों को देखते हुए राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टर्स को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आम जनता और चालकों से अपील की है कि वे उफनते नाले, जलमग्न पुलिया या जलभराव वाले मार्गों को पार करने का जोखिम न उठाएं। आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जिला मुख्यालयों में कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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