
खपराभट्ठी आमापारा थाना क्षेत्र में गुरुवार को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की छत्तीसगढ़ अस्मिता बचाव रैली ने शहर की यातायात व्यवस्था बिगाड़ दी। दोपहर में रैली के जुटान के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आयोजन के लिए न तो प्रशासन से अनुमति ली गई थी और न ही अधिकारियों को पहले से कोई जानकारी दी गई थी।
बड़ी संख्या में लोग जुटे, सड़क पर लगा लंबा जाम
घटना के मुताबिक दोपहर करीब 1 बजे आमापारा चौक के पास अचानक भीड़ बढ़ गई। रैली में शामिल लोग सड़क पर खड़े होकर नारेबाजी करते रहे जिससे वाहन रुक गए और दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। प्रशासनिक टीम ने कई बार समझाइश दी, मगर आयोजनकर्ताओं ने रास्ता खाली नहीं किया। करीब दो घंटे तक सड़क जाम रही और राहगीर फंसे रहे।

नागरिकों ने जताई नाराजगी, कहा कामकाज ठप हो गया
पंडरी की ओर जा रहे एक नागरिक ने बताया कि बिना अनुमति की रैली की वजह से उनका काम रुक गया। उन्होंने कहा कि भीड़ ने सड़क घेर ली और वाहन संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई लोगों ने मौके पर असुविधा और नाराजगी जताई और ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच की तैयारी
रैली की शिकायत खपराभट्ठी आमापारा थाना में दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट के अनुसार आयोजकों ललित बघेल, अनिल दुबे और उनके साथियों ने बिना अनुमति रैली निकाली और सार्वजनिक मार्ग बाधित किया। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई होगी।
बिना अनुमति कार्यक्रमों पर कड़ाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर में होने वाले किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए अनुमति लेना जरूरी है, वरना ऐसी स्थितियां बार बार पैदा होती हैं। नागरिकों का कहना है कि बिना अनुमति रैलियां न केवल यातायात बाधित करती हैं बल्कि सुरक्षा और सुविधा पर भी खतरा खड़ा करती हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे आयोजनों पर सख्ती बरतने की अपील की।
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