
CG SIR DATA: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए चल रहा ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन‘ (SIR) का काम अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राज्य में गणना प्रपत्र जमा करने का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। हालांकि, इस प्रक्रिया में एक बड़ी बात यह सामने आई कि कुल 27 लाख 34 हजार 817 फॉर्म ‘अनकलेक्टेड’ रह गए हैं। विभाग के अनुसार, इनमें से अधिकांश ऐसे लोग हैं जो काम या अन्य कारणों से अपने पुराने पते से किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। अब इन आंकड़ों के आधार पर सूची को अपडेट किया जाएगा।
नाम जुड़वाने के लिए नियमों में बदलाव: अब घोषणा पत्र देना होगा जरूरी
SIR Campaign in CG: चुनाव आयोग ने उन लोगों को राहत दी है जो शिफ्ट होने के कारण इस सर्वे में शामिल नहीं हो पाए। ऐसे मतदाता अब फॉर्म-6 के जरिए अपना नाम नई जगह की मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। हालांकि, इस बार प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नए नियमों के मुताबिक:
- डिक्लेरेशन फॉर्म: अब फॉर्म-6 के साथ आवेदक को एक घोषणा पत्र (घोषणा पत्र) देना अनिवार्य होगा।
- ऑनलाइन सुविधा: मतदाता वोटर हेल्पलाइन ऐप या पोर्टल के जरिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।
- सत्यापन: बीएलओ द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद ही नाम जोड़ने की मंजूरी दी जाएगी।
23 दिसंबर को आएगी नई वोटर लिस्ट: एक महीने तक चलेगा दावा-आपत्ति का दौर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 23 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का ‘प्रारूप प्रकाशन’ (Draft Publication) किया जाएगा। यह सूची निर्वाचन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और सभी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध होगी। इस लिस्ट के जारी होने के बाद:
- दावा-आपत्ति: मतदाता सूची में नाम, उम्र या पते की गलती सुधारने के लिए एक महीने का समय मिलेगा।
- समय सीमा: 23 दिसंबर से शुरू होकर यह प्रक्रिया जनवरी के अंत तक चलेगी।
- निराकरण: प्राप्त शिकायतों और आवेदनों की जांच कर फरवरी में अंतिम सूची जारी की जाएगी।
पारदर्शिता पर आयोग का जोर: शिफ्टेड वोटर्स के लिए विशेष इंतजाम
निर्वाचन विभाग का मुख्य उद्देश्य फर्जी या दोहरे मतदाताओं के नाम सूची से हटाना है। यशवंत कुमार ने बताया कि जो 27 लाख से ज्यादा फॉर्म कलेक्ट नहीं हुए हैं, उनकी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने से वंचित न रहे। आयोग ने राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि वे बूथ स्तर पर अपने एजेंटों के माध्यम से इस प्रक्रिया में सहयोग करें। शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की सूची अलग से पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग आसानी से अपना स्टेटस चेक कर सकें।



