छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय की शिफ्टिंग दिसंबर के आखिरी में, शीतकालीन सत्र दोनों भवनों में संभव

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के दूसरे सप्ताह में संभावित है। बताया जा रहा है कि इस बार सत्र के पहले दिन की कार्रवाई पुराने विधानसभा भवन में होगी, जबकि बाकी दिनों की कार्रवाई नए विधानसभा भवन में होने की संभावना है। सत्र समाप्त होने के बाद दिसंबर के आखिरी सप्ताह में सचिवालय की शिफ्टिंग नए विधानसभा भवन में शुरू हो सकती है। फिलहाल नए विधानसभा भवन की आंतरिक साज-सज्जा का काम चल रहा है, और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसे अभी तक विधानसभा को हैंडओवर नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, दिसंबर के पहले पखवाड़े में सारा काम पूरा होने की उम्मीद है।

पुराने भवन को दी जाएगी औपचारिक विदाई

सत्र बुलाए जाने पर, पहले दिन की कार्रवाई पुराने भवन में करके उसे औपचारिक विदाई दी जाएगी। इसके बाद की कार्रवाई नए विधानसभा भवन में स्थानांतरित कर दी जाएगी। कुल मिलाकर विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिनों का हो सकता है।

नए विधानसभा भवन की प्रमुख खूबियाँ

नवा रायपुर में बना यह नया विधानसभा भवन कई मायनों में खास है:

  • विशाल परिसर: यह भवन 51 एकड़ में फैला हुआ है और इसे ₹324 करोड़ की लागत से बनाया गया है।
  • संरचना: इसमें तीन मुख्य विंग हैं— ए (सचिवालय), बी (सदन और सेंट्रल हॉल), और सी (मंत्रियों के कार्यालय)।
  • पर्यावरण अनुकूल: यह पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल है, जिसमें सोलर प्लांट और दो वर्षा-जल सरोवर हैं।
  • कला और संस्कृति: सभाकक्ष की सीलिंग पर धान की बालियों की नक्काशी है और दरवाजे-फर्नीचर बस्तर के काष्ठ-शिल्पियों द्वारा निर्मित हैं, जो छत्तीसगढ़ की ‘धान का कटोरा’ वाली छवि को दर्शाते हैं।
  • स्मार्ट सुविधाएँ: यह दो सौ सदस्यों तक बैठने योग्य है और पेपरलेस ऑपरेशन के लिए हाई-टेक सुविधाओं से युक्त है, इसलिए इसे ‘स्मार्ट विधानसभा’ कहा जा रहा है।
  • अतिरिक्त हॉल: इसमें 500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल भी है, जिससे सार्वजनिक कार्यक्रम आसानी से आयोजित किए जा सकते हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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