
CG Rajya Sabha Elections: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए सरगर्मी तेज हो गई है। आज राजधानी रायपुर स्थित विधानसभा सचिवालय में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही दलों के प्रत्याशियों ने अपने-अपने समर्थकों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया। कांग्रेस की ओर से फूलो देवी नेताम और भारतीय जनता पार्टी की ओर से लक्ष्मी वर्मा ने आधिकारिक तौर पर अपनी दावेदारी पेश की है। इन नामांकनों के साथ ही प्रदेश की राजनीति में महिला नेतृत्व और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिशें साफ नजर आ रही हैं।
फूलो देवी नेताम पर कांग्रेस का दोबारा भरोसा और आदिवासी कार्ड
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी मौजूदा राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम को एक बार फिर उच्च सदन भेजने का निर्णय लिया है। बस्तर के आदिवासी अंचल से आने वाली नेताम का चयन कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें आदिवासी हितों और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। पार्टी का मानना है कि फूलो देवी नेताम ने पिछले कार्यकाल में दिल्ली के उच्च सदन में छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया है, इसलिए उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें दोबारा मौका दिया गया है।
दिग्गज कांग्रेसी नेताओं की मौजूदगी में हुआ शक्ति प्रदर्शन
नामांकन के दौरान कांग्रेस ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया। फूलो देवी नेताम के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विधानसभा सचिवालय पहुँचने पर कांग्रेस के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने गगनभेदी नारों के साथ उनका स्वागत किया। इस अवसर पर दीपक बैज ने विश्वास जताया कि श्रीमती नेताम छत्तीसगढ़ की जनता की आवाज को राज्यसभा में और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी। नामांकन के बाद विधानसभा परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम देखा गया।
भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा का नामांकन और जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने अपनी वरिष्ठ नेत्री लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया है। लक्ष्मी वर्मा का नामांकन भाजपा द्वारा जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने नामांकन दाखिल करने से पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति मंदिर’ में जाकर वरिष्ठ नेताओं को पुष्पांजलि अर्पित की। लक्ष्मी वर्मा के चयन से भाजपा ने पिछड़ा वर्ग और महिला वोट बैंक को साधने की सफल कोशिश की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कैबिनेट की मौजूदगी में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
लक्ष्मी वर्मा के नामांकन के दौरान सत्ता पक्ष की पूरी ताकत विधानसभा में नजर आई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत कैबिनेट के लगभग सभी मंत्री उनके समर्थन में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि लक्ष्मी वर्मा के लंबे सांगठनिक अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ की जनता को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा। भाजपा के पास विधानसभा में प्रचंड बहुमत होने के कारण लक्ष्मी वर्मा की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है।
उच्च सदन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व: महिला नेतृत्व का उदय
दिलचस्प बात यह है कि इस बार दोनों ही प्रमुख दलों ने महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह एक बड़ा बदलाव है, जहाँ राज्यसभा की सीटों पर महिला नेतृत्व को इतनी प्रमुखता दी जा रही है। लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम, दोनों ही अपने-अपने दलों में लंबे समय से सक्रिय रही हैं। उच्च सदन में इन दोनों की मौजूदगी से राज्य के ग्रामीण विकास, महिला सुरक्षा और स्थानीय मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष अधिक मजबूती से रखे जाने की उम्मीद है।
विधानसभा का गणित और नामांकन प्रक्रिया के अगले चरण
छत्तीसगढ़ विधानसभा के वर्तमान समीकरणों के आधार पर दो सीटों में से एक भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में जाना तय माना जा रहा है। भाजपा के पास 54 और कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं। आज नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब विधानसभा सचिवालय द्वारा दस्तावेजों की स्कूटनी (जांच) की जाएगी, जिसके बाद नाम वापसी की तिथि निर्धारित है। यदि कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में नहीं आता है, तो दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय है।
आगामी रणनीतियों पर टिकी राजनीतिक विश्लेषकों की नजर
इन नामांकनों के बाद अब दोनों ही दल अपनी आगामी रणनीतियों को धार देने में जुट गए हैं। जहाँ भाजपा अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है, वहीं कांग्रेस अपनी सीट सुरक्षित रखकर विपक्ष की भूमिका को प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा के इन चुनावों का असर आने वाले समय में प्रदेश की स्थानीय राजनीति पर भी पड़ेगा, क्योंकि दोनों दलों ने अपने सबसे भरोसेमंद और सामाजिक रूप से प्रभावशाली चेहरों को दिल्ली भेजने का फैसला किया है।



