छत्तीसगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, नहीं मिलेगी अक्टूबर का वेतन!.. जानिए क्या है पूरा मामला

CG DPI Strict Action: छत्तीसगढ़ में जर्जर और मरम्मत योग्य स्कूल भवनों की जानकारी समय पर उपलब्ध न कराने के मामले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के 31 जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) की कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग की इस सख्त रुख के बाद शिक्षा विभाग के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

एक सप्ताह की तय समय-सीमा बीतने के बाद भी नहीं भेजी रिपोर्ट

DPI Show Cause Notice To 31 DEO: लोक शिक्षण संचालनालय ने बीते 7 सितंबर को पत्र जारी कर राज्य के सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के स्कूल भवनों की वर्तमान स्थिति का ब्योरा तैयार करने का निर्देश दिया था। इसके लिए अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया था। रिपोर्ट में मुख्य रूप से भवन विहीन स्कूलों और तत्काल मरम्मत की जरूरत वाले जर्जर भवनों की सूची उपलब्ध करानी थी। तय समय बीत जाने के बाद भी 31 जिलों से कोई जानकारी नहीं भेजी गई, जिससे विभागीय कामकाज और भवनों की मरम्मत योजना प्रभावित हुई।

लापरवाही पर 3 दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश

CG School Buildings Report Controversy: समय पर जानकारी न मिलने से नाराज लोक शिक्षण संचालनालय ने संबंधित 31 जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिस भेजकर देरी की वजह स्पष्ट करने को कहा है। नोटिस में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे तीन दिनों के भीतर अपना आधिकारिक जवाब डीपीआई कार्यालय को भेजें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी का स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया जाता है तो उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारी महीने में अक्टूबर की सैलरी रोकने की चेतावनी जारी

विभागीय निर्देशों का पालन न करने पर शासन ने अधिकारियों पर आर्थिक शिकंजा कसने का संकेत दिया है। जारी आदेश में चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों का अक्टूबर महीने का वेतन रोका जा सकता है। अक्टूबर में नवरात्रि और दीवाली जैसे बड़े त्योहार होने के कारण वेतन रुकने की यह चेतावनी अधिकारियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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