
CG Weather Update Today: छत्तीसगढ़ के मौसम में लगातार बदलाव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की भी आशंका है। विशेष रूप से बस्तर और सुकमा जिले में आज बीस अक्टूबर को मौसम प्रभावित रह सकता है। हालांकि, इसके बाद इक्कीस से पच्चीस अक्टूबर तक राज्यभर में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है और बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
अगले दो दिनों के बाद रात के तापमान में आ सकती है गिरावट
CG Today Weather News: मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद रात के पारा में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान में इस कमी के कारण सुबह और देर रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में फिलहाल किसी बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत नहीं हैं।

राजधानी रायपुर में दिन और रात का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज
Raipur Weather Update Today: राजधानी रायपुर में फिलहाल गर्मी का असर बना हुआ है। सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान तैंतीस दशमलव दो डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक था। लालपुर मौसम केंद्र के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग एक दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान चौबीस दशमलव तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से दो दशमलव आठ डिग्री ज्यादा है। इससे स्पष्ट है कि दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी सामान्य से अधिक महसूस हो रही है।
अंबिकापुर में दर्ज किया गया प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान
CG Weather Rain Alert: एक तरफ जहां रायपुर में तापमान अधिक बना हुआ है, वहीं सरगुजा संभाग के जिलों में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में सोलाह दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान अठारह दशमलव छह डिग्री और दुर्ग में इक्कीस दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आने वाले दिनों में रात का पारा और नीचे गिरने से ठंड का प्रभाव और बढ़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम का छत्तीसगढ़ पर सीमित असर
Chhattisgarh Cold Alert Update: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग पांच दशमलव आठ किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है। इससे जुड़ी एक द्रोणिका भी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। हालांकि, इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में किसी व्यापक या भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।



