
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग की लपटें अब वहां रह रहे छत्तीसगढ़ के लोगों तक पहुंच गई हैं। ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस बंद कर दिया गया है, जिससे दुबई जैसे शहरों में छत्तीसगढ़ के कई परिवार फंस गए हैं। रायपुर की मशहूर डॉक्टर प्रीति तिवारी भी अपने परिवार के साथ दुबई में रुकी हुई हैं। उन्होंने ‘मिडिया’ से फोन पर हुई विशेष बातचीत में वहां के भयावह मंजर और अनिश्चितता के माहौल का जिक्र किया।
होटल के कमरों में बीत रही दहशत भरी रातें
डॉक्टर प्रीति तिवारी ने बताया कि पिछले कुछ घंटों से स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। पूरा परिवार दुबई के एक होटल के कमरे में सिमट कर रह गया है। बाहर निकलने पर अघोषित पाबंदी जैसी स्थिति है और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। उन्होंने बताया कि होटल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से सभी पर्यटकों को अंदर ही रहने की हिदायत दी है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ फंसे इन परिवारों के लिए हर बीतता मिनट भारी पड़ रहा है।
एयरस्पेस बंद होने से घर लौटने की उम्मीदें धुंधली
जंग के कारण दुबई और आसपास के देशों ने अपने हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके चलते भारत आने वाली तमाम उड़ानें रद्द हो गई हैं। डॉ. प्रीति का कहना है कि उन्हें घर लौटने का बेसब्री से इंतजार है, लेकिन उड़ानों के दोबारा शुरू होने को लेकर कोई भी ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही है। रायपुर स्थित उनके परिजन भी यहां लगातार चिंतित हैं और प्रशासन से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं।
नोवोटेल वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बना यात्रियों का ठिकाना
छत्तीसगढ़ के कई अन्य यात्री इस वक्त दुबई के ‘नोवोटेल वर्ल्ड ट्रेड सेंटर’ में ठहरे हुए हैं। वहां मौजूद यात्रियों ने बताया कि होटल में हर थोड़ी देर में प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग हो रही है। यूएई सरकार ने भी नई एडवाइजरी जारी कर विदेशी नागरिकों को सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने को कहा है। होटल परिसर के भीतर ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
एयर इंडिया ने यात्रियों से मांगी विस्तृत जानकारी
संकट की इस घड़ी में भारतीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने सक्रियता दिखाई है। दुबई में फंसे छत्तीसगढ़ी यात्रियों के पास एयर इंडिया की ओर से आधिकारिक ई-मेल आए हैं। कंपनी ने यात्रियों से उनकी मौजूदा लोकेशन, पासपोर्ट विवरण और संपर्क नंबर मांगे हैं। इसका उद्देश्य उड़ानों के बहाल होते ही प्राथमिकता के आधार पर भारतीयों को स्वदेश वापस लाना है। हालांकि, तकनीकी बाधाओं के कारण अभी भी वापसी का समय तय नहीं हो सका है।
यूएई सरकार की कड़ी एडवाइजरी और पाबंदियां
यूएई प्रशासन ने युद्ध की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा मानकों को कड़ा कर दिया है। होटलों में ठहरे पर्यटकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी आपातकालीन जरूरत के बाहर न निकलें। डॉक्टर प्रीति ने बताया कि वहां के टीवी चैनलों और स्थानीय रेडियो पर लगातार युद्ध की खबरें और चेतावनी दी जा रही है, जिससे विदेशी सैलानियों के बीच घबराहट का माहौल है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और केवल सरकारी माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी है।
स्वदेश वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे परिवार
दुबई में फंसे परिवारों के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती अनिश्चितता है। डॉ. प्रीति और उनके जैसे सैकड़ों यात्रियों की नजरें अब सिर्फ आसमान पर टिकी हैं कि कब एयरस्पेस खुले और कब उनकी घर वापसी हो। उन्होंने बताया कि होटल में मौजूद अन्य भारतीय यात्री आपस में एक-दूसरे का ढांढस बंधा रहे हैं। सभी को उम्मीद है कि भारत सरकार जल्द ही कोई वैकल्पिक रास्ता निकालेगी जिससे उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
छत्तीसगढ़ में परिजनों की बढ़ी धड़कनें
रायपुर में फंसे यात्रियों के रिश्तेदारों का बुरा हाल है। वे लगातार सोशल मीडिया और हेल्पलाइन नंबरों के जरिए विदेश मंत्रालय से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए केंद्र से बातचीत शुरू की है। परिजनों की मांग है कि दुबई में फंसे छत्तीसगढ़ी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें जल्द से जल्द चार्टर्ड फ्लाइट या विशेष विमान के जरिए वापस लाया जाए।
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