
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिटी गैस अवसंरचना परियोजना की शुरुआत कर प्रदेश को एक बड़ी सौगात दी है। इस योजना के तहत अब घरों में रसोई गैस पाइपलाइन के जरिए पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने इसे स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। कार्यक्रम के दौरान पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस की औपचारिक शुरुआत की गई, जिससे अब लोगों को भारी-भरकम सिलेंडर बुक करने और उनके आने का इंतजार करने से मुक्ति मिल जाएगी।
प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित ऊर्जा पर सरकार का जोर
परियोजना का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य घरेलू, औद्योगिक और वाहन क्षेत्रों में प्रदूषण मुक्त ईंधन को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैस आधारित ईंधन न केवल वातावरण के लिए बेहतर है, बल्कि यह आम जनता के लिए सस्ता और सुरक्षित विकल्प भी साबित होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से शहरों में कार्बन उत्सर्जन कम होगा और लोगों को ऊर्जा के लिए एक आधुनिक और विश्वसनीय स्रोत मिलेगा।
पहली महिला उपभोक्ता पूनम से सीएम ने की चर्चा
कार्यक्रम का एक खास हिस्सा वह रहा जब मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए प्रदेश की पहली महिला पीएनजी उपभोक्ता पूनम चौबे से बातचीत की। पूनम ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पाइपलाइन से गैस मिलना उनके लिए कितना सुविधाजनक है। अब उन्हें सिलेंडर खत्म होने का डर नहीं सताएगा और न ही उसे ढोने की परेशानी होगी। मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि ऐसी सुविधाएं महिलाओं के दैनिक जीवन को आसान बनाने के लिए जरूरी हैं।
रायपुर समेत तीन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
शुरुआती चरण में यह सिटी गैस प्रोजेक्ट रायपुर, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों के लिए शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इन तीन जिलों के निवासियों को अब निरंतर गैस सप्लाई का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पिछले 25 वर्षों से लगातार तरक्की कर रहा है और अब ऊर्जा के क्षेत्र में यह विस्तार प्रदेश की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ेगा। आने वाले समय में अन्य जिलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है।
सीएनजी स्टेशनों का जाल बिछाने की तैयारी
सस्ती रसोई गैस के साथ-साथ सरकार का ध्यान वाहन चालकों पर भी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सीएनजी स्टेशनों की संख्या में बड़ा इजाफा किया जाएगा। इससे सीएनजी गाड़ियों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को ईंधन के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किफायती ईंधन मिलने से न केवल आम आदमी की बचत होगी, बल्कि परिवहन के क्षेत्र में भी बड़े सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
प्रधानमंत्री के ‘ग्रीन एनर्जी’ विजन को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन एनर्जी विजन से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह पाइपलाइन प्रोजेक्ट प्रकृति के संरक्षण और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाने का एक प्रयास है। उन्होंने तीनों जिलों के लोगों को शुभकामनाएं दीं और इसे प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया।
भविष्य की योजना और आमजन को मिलने वाली सुविधाएं
सिटी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के आने से अब गैस चोरी और लीकेज जैसी समस्याओं पर भी लगाम लगेगी। पाइपलाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति होने से उपभोक्ताओं को केवल उतनी ही राशि चुकानी होगी जितनी गैस उन्होंने खर्च की है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस नेटवर्क को तेजी से फैलाया जाएगा ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग इस नई तकनीक का फायदा उठा सकें और छत्तीसगढ़ ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।



