
Independence Day 2025: 15 अगस्त की सुबह जब राजधानी रायपुर के पुलिस ग्राउंड में तिरंगा लहराया, तो इसके साथ एक नई व्यवस्था की भी शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में रायपुर के लिए पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की घोषणा की। यानी अब राजधानी में पुलिसिंग का तरीका बदलेगा, और प्रशासन का रवैया भी।
आज़ादी के दीवानों को किया याद
Police Commissionerate System Raipur: मुख्यमंत्री साय ने अपने भाषण की शुरुआत उन शहीदों को नमन करते हुए की, जिनके बलिदान से आज़ादी का सूरज चमका। उन्होंने परलकोट विद्रोह, रायपुर सिपाही विद्रोह, भूमकाल आंदोलन और नायकों जैसे शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, गेंद सिंह, हनुमान सिंह को खासतौर पर याद किया।
‘छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’ की हुई शुरुआत
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल छत्तीसगढ़ राज्य के बनने के 25 साल पूरे हो रहे हैं। इसे ‘छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’ के रूप में मनाया जाएगा। इस महोत्सव को यादगार बनाने के लिए राज्यभर में कार्यक्रम होंगे।
नक्सलियों पर करारा वार, 2026 तक ‘माओवाद मुक्त भारत’ का संकल्प
Naxal-free Chhattisgarh: साय ने कहा कि बीते 20 महीनों में सुरक्षा बलों ने 450 माओवादियों को ढेर किया और 1500 से ज्यादा को गिरफ्तार किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या भी 1500 पार कर गई है। ये सब मुमकिन हुआ है मोदी-शाह की मजबूत नीति और राज्य सरकार की सख्त कार्यशैली से।
महिलाओं को मिली ‘महतारी वंदन’ योजना की सौगात
सरकार ने 70 लाख महिलाओं को हर महीने ₹1000 देने की ‘महतारी वंदन योजना’ शुरू की है। अब तक ₹11,728 करोड़ सीधे महिलाओं के खातों में डाले जा चुके हैं। इससे महिलाओं की आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार मिली है।
किसानों को मिला रिकॉर्ड समर्थन, धान खरीदी में नया कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की। अब दूसरी फसलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। नई नीति के तहत वैकल्पिक फसलें उगाने पर प्रति एकड़ ₹10 से ₹11 हजार की सहायता दी जा रही है।
नई शिक्षा नीति और शिक्षकों का संतुलन
राज्य सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू करने के साथ स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब दूर-दराज के गांवों तक भी शिक्षक पहुँच रहे हैं और शिक्षण स्तर सुधर रहा है। नवा रायपुर में एजुकेशन सिटी और साइंस सिटी की नींव भी रखी जा चुकी है।
IT और स्टार्टअप में नवा रायपुर बनेगा ‘सिलिकॉन वैली’
राज्य सरकार का सपना है कि नवा रायपुर मध्य भारत का टेक्नोलॉजी हब बने। नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्टिट्यूट, फैशन टेक्नोलॉजी कैंपस और स्टार्टअप नीति जैसे कदम इस दिशा में मजबूती से उठाए जा रहे हैं।
हर्बल फार्मेसी, खादी और स्वदेशी को मिला बढ़ावा
सरकार ने ‘फॉरेस्ट टू फार्मेसी’ मॉडल अपनाते हुए दुर्ग में हर्बल यूनिट शुरू की है, जिससे हजारों को रोजगार मिला है। वहीं, खादी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा – “स्वदेशी अपनाना देशभक्ति है।”
ट्राइबल म्यूजियम और बस्तर टूरिज्म को वैश्विक पहचान
नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम और बस्तर में आयोजित बस्तर पंडुम जैसे कार्यक्रमों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है। धुड़मारास गांव को UNWTO ने बेस्ट टूरिज्म विलेज घोषित किया है।
बोधघाट परियोजना से सिंचाई और बिजली दोनों का विकास
₹50 हजार करोड़ की लागत वाली बोधघाट परियोजना से 200 मेगावाट बिजली और 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा 9 अन्य सिंचाई परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है।
बिजली बिल हाफ से फ्री की ओर कदम
छत्तीसगढ़ अब जीरो पॉवर कट स्टेट बन चुका है। राज्य में बिजली की खपत देश के औसत से कहीं ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सूर्य घर योजना’ के तहत सोलर पैनल लगाने पर 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है।
युवाओं को मिलेगा सुशासन फेलोशिप का मौका
राज्य सरकार ने IIM रायपुर के साथ मिलकर ‘मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना’ शुरू की है। इसके तहत युवा प्रशासनिक कामकाज में प्रशिक्षण पाएंगे। व्यापमं की परीक्षा का सालभर का कैलेंडर भी पहली बार जारी किया गया है।
स्वास्थ्य सेवा में बढ़ रहा भरोसा
543 सरकारी अस्पतालों को गुणवत्ता प्रमाणन मिल चुका है। 672 डॉक्टरों की नई नियुक्ति हुई है। नवा रायपुर में ‘मेडिसिटी’ बन रही है, जहां सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।
गांव-गांव पहुंचेगा विकास, बस सेवा और स्मार्ट सुविधाएं
सरकार ने बस्तर और सरगुजा में ग्रामीण बस सेवा योजना शुरू की है। नगरों के कायाकल्प के लिए नगरोत्थान योजना चलाई जा रही है। 157 करोड़ रुपये से नए बस टर्मिनल, ऑडिटोरियम, ऑक्सीजन जोन जैसी सुविधाएं बनाई जाएंगी।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगे 3.5 करोड़ पौधे
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जहां एक साल में 683 वर्ग किमी वनक्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत रिकॉर्ड पौधारोपण हुआ है।
अंत में संदेश – आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने अपने भाषण के अंत में जनता से अपील की – “स्वदेशी खरीदें, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें, आत्मनिर्भर बनें। यही आज़ादी की असली लड़ाई है। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और अब – जय अनुसंधान!” तो भइया, स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर सीएम साय का संदेश साफ है – अब वक्त है, आगे बढ़ने का, आत्मनिर्भर बनने का और छत्तीसगढ़ को देश का चमकता सितारा बनाने का।



