
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे प्रदेश के छात्र-छात्राओं के नाम एक बेहद आत्मीय और प्रेरक संदेश साझा किया है। मुख्यमंत्री ने परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का एक अहम पड़ाव जरूर है, लेकिन इसे बोझ नहीं समझना चाहिए। इस समय सबसे ज्यादा जरूरत आत्मविश्वास, धैर्य और लगातार मेहनत करने की होती है, जो किसी भी मुश्किल लक्ष्य को आसान बना सकती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा “ऑल द बेस्ट, प्यारे बच्चों। परीक्षा का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए — आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।”उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान मन में घबराहट या डर आना स्वाभाविक है और इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। यह इस बात का संकेत है कि विद्यार्थी अपने भविष्य और लक्ष्य को लेकर गंभीर हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है, लेकिन इसे अपने आत्मविश्वास पर हावी नहीं होने देना चाहिए।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि उन्होंने पूरे वर्ष मेहनत की है। हर दिन की पढ़ाई, अभ्यास और दोहराव आज उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल ज्ञान की परीक्षा नहीं होती, बल्कि धैर्य, अनुशासन और मानसिक संतुलन की भी परीक्षा होती है।
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे नियमित अध्ययन करें, कठिन विषयों का बार-बार पुनरावर्तन करें और समय का सही प्रबंधन करें। साथ ही उन्होंने पर्याप्त नींद लेने, पौष्टिक भोजन करने और परीक्षा के दिनों में मोबाइल फोन व सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने की भी अपील की।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ दिया गया हर प्रयास निश्चित रूप से सफलता की ओर ले जाता है।
अंत में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पुनः शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें, सफलता अवश्य उनके कदम चूमेगी।



