33 जिलों के कलेक्टर पहुंचे रायपुर: सन्डे को कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस, इन विषयों पर रहेगा खास फोकस

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार का दूसरा कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस आज राजधानी रायपुर के मंत्रालय में शुरू होगा। राज्य के सभी 33 जिलों के कलेक्टर बैठक में हिस्सा लेने के लिए रायपुर पहुँच चुके हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण कांफ्रेंस में धान खरीदी, शिक्षा, स्वास्थ्य, और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।

मंत्रालय में होगा कांफ्रेंस, सोशल सेक्टर पर विशेष ध्यान

इस बार कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस की जगह खास है। यह बैठक किसी सितारा होटल या सर्किट हाउस में नहीं, बल्कि मंत्रालय के पाँचवे फ्लोर पर मुख्यमंत्री के चैंबर के बगल में बने ऑडिटोरियम में आयोजित की जा रही है।

  • पहला दिन (12 अक्टूबर): सुबह 10 बजे से कलेक्टरों के साथ मुख्यमंत्री मुख्य रूप से सोशल सेक्टर की योजनाओं की समीक्षा करेंगे। एजेंडा में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास और सोलर एनर्जी (प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना) जैसे विषयों को सबसे अधिक समय दिया गया है।
  • दूसरा दिन (13 अक्टूबर): इस दिन पहले सत्र में कलेक्टरों के साथ एसपी (पुलिस अधीक्षक) भी शामिल होंगे, जहाँ कानून व्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में डीएफओ (वनमंडलाधिकारी) भी शामिल होंगे।

नए मुख्य सचिव करेंगे प्रदर्शन की समीक्षा

हाल ही में पदभार संभालने वाले राज्य के नए मुख्य सचिव विकास शील के लिए यह कांफ्रेंस बेहद खास होगा। इस दो दिवसीय बैठक से उन्हें सभी कलेक्टरों, एसपी और डीएफओ के कामकाज और प्रदर्शन को करीब से जानने का मौका मिलेगा।

कांफ्रेंस समाप्त होने के बाद भी कलेक्टर 14 अक्टूबर को रायपुर में ही रहेंगे। इस दिन ‘गुड गवर्नेंस’ पर एक महत्वपूर्ण वर्कशॉप (कार्यशाला) आयोजित की जाएगी, जिसमें अधिकारियों को आम लोगों तक सरकारी योजनाओं को पारदर्शितापूर्वक पहुँचाने के तरीके बताए जाएंगे।

कलेक्टर कांफ्रेंस का विस्तृत एजेंडा (मुख्य विषय)

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली इस कांफ्रेंस का एजेंडा बारीक और जनकल्याण पर केंद्रित रखा गया है:

1. कृषि और किसान कल्याण

  • धान खरीदी की तैयारी: समर्थन मूल्य पर धान और मक्का की खरीदी की तैयारी, कृषक पंजीयन, गिरदावरी का सत्यापन, बारदानों की व्यवस्था, और बिचौलियों व अवैध धान की रोकथाम
  • अन्य योजनाएं: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन की स्थिति।

2. सामाजिक कल्याण और स्वास्थ्य

  • स्वास्थ्य सेवाएं: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (IMR, MMR), आरोग्य मंदिर का संचालन, आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना की प्रगति, टीकाकरण कार्यक्रम और टी.बी., मलेरिया, डेंगू की रोकथाम।
  • कुपोषण रणनीति: कुपोषण (Stunting, wasting) में कमी लाने के लिए रणनीति, सक्षम आँगनबाड़ी और पोषण ऐप का उपयोग।
  • जनजातीय कल्याण: आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन, और छात्रवृत्ति वितरण की समीक्षा।

3. शिक्षा गुणवत्ता और विकास

  • शैक्षणिक सुधार: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का प्रभावी क्रियान्वयन, 10वीं एवं 12वीं परीक्षा के परिणामों का विश्लेषण और शिक्षकों की उपस्थिति पर चर्चा।
  • योजनाएं: पीएम पोषण, सरस्वती सायकल वितरण और पीएम योजना (PM Shri) की प्रगति।

4. शहरी विकास और रोजगार

  • आवास और स्वच्छता: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी व ग्रामीण) और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण व शहरी) की स्थिति।
  • कौशल विकास: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत स्किलिंग तथा रोजगार मेलों का आयोजन।

5. पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस

  • अन्य अहम विषय: ई-केवाईसी एवं डीबीटी (DBT) द्वारा भुगतान, शासकीय खरीदी में पारदर्शिता, पूँजीगत व्यय के कार्यों में तेजी लाना और लोक सेवा गारंटी के तहत ई-सेवाओं की समीक्षा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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