कबीरधाम में कलेक्टर ने मांगी सुरक्षा, गृहमंत्री के गृह जिले में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

कवर्धा: कबीरधाम जिले के कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अपने सरकारी निवास पर देर रात हुए विरोध प्रदर्शन के बाद खुद को असुरक्षित बताया है और एसपी से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। मामला गृहमंत्री विजय शर्मा के गृह जिले से जुड़ा होने के कारण यह मुद्दा अब प्रशासनिक गलियारों और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

कलेक्टर बंगले पर आधी रात को पहुंचा प्रदर्शनकारी समूह

मिली जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त की रात करीब डेढ़ बजे कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर बंगले पहुंचे। प्रदर्शन की वजह थी आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने से तीन बंदरों की मौत और दो के घायल होने के बाद भी समय पर इलाज न मिलना। घटना के अनुसार, बिजली गिरने से घायल बंदरों को जब वेटनरी अस्पताल ले जाया गया, तो वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। न ही फोन पर डॉक्टर से संपर्क हो पाया। यही स्थिति तहसीलदार और SDM की भी रही।

कलेक्टर उस समय जिले से बाहर थे। इस लापरवाही से नाराज लोग घायल बंदर को लेकर सीधे कलेक्टर बंगले पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए गए। जानकारी मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी मौके पर पहुंची और घायल बंदर का इलाज कराया गया।

सुरक्षा को लेकर कलेक्टर का पत्र वायरल

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने घटना को गंभीर मानते हुए एसपी को पत्र लिखकर सवाल किया कि प्रदर्शन के समय पुलिस की गश्ती पार्टी कहां थी? उन्होंने इसे सुरक्षा में चूक बताया और बंगले के आसपास अतिरिक्त फोर्स की मांग की है। यह पत्र अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। खासतौर पर तब, जब मामला खुद गृहमंत्री के जिले का है। अब यह सवाल उठने लगे हैं कि जिले में कलेक्टर और एसपी के बीच समन्वय की कमी कानून-व्यवस्था पर असर डाल रही है।

प्रशासनिक तालमेल पर भी उठे सवाल

जिले में दो शीर्ष अधिकारियों के बीच तालमेल न होना कोई छोटी बात नहीं मानी जा रही। आमतौर पर ऐसी स्थिति का असर सीधे शासन-प्रशासन के कामकाज पर पड़ता है। कबीरधाम में सामने आई यह घटना इस बात का संकेत दे रही है कि हालात सामान्य नहीं हैं। अब देखना होगा कि गृहमंत्री के गृह जिले में प्रशासनिक मशीनरी कैसे जवाब देती है और आगे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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