
Dhamtari College Professor Suicide: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय (गर्ल्स कॉलेज) में अतिथि प्राध्यापक के तौर पर कार्यरत डॉ. सुषमा साहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि कॉलेज के स्टाफ और छात्रों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
13 जून को लौटी थीं, 14 को मिली लाश
जानकारी के मुताबिक, सुषमा साहू गर्मी की छुट्टियों में रायपुर स्थित अपने घर गई हुई थीं और 13 जून को धमतरी के कैलाशपति नगर स्थित किराए के मकान में वापस लौटीं। इसके बाद उन्हें किसी ने बाहर आते नहीं देखा।
पड़ोसियों द्वारा कई बार दरवाजा खटखटाने और कोई जवाब न मिलने पर उनके पिता को कॉल किया गया। कॉल भी रिसीव नहीं हुआ तो शक गहराया। एक रिश्तेदार को घर भेजा गया, दरवाजा खोला गया तो सुषमा फांसी पर लटकी मिलीं।
पुलिस की रातभर ड्यूटी, सुबह हुआ पोस्टमार्टम
14 जून की शाम को शव बरामद किया गया। रात ज्यादा हो जाने के चलते शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा गया। रातभर रुद्री पुलिस की ड्यूटी मौके पर तैनात रही। अगले दिन यानी 15 जून की सुबह शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
कॉलेज और परिवार सदमे में
डॉ. सुषमा साहू की अचानक हुई मौत ने परिवार और कॉलेज दोनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके पिता नारायण लाल साहू, भू-अभिलेख शाखा में नायब तहसीलदार रह चुके हैं। बेटी की इस तरह दुखद मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
कॉलेज के स्टाफ ने भी गहरी संवेदना जताई है। उनका कहना है कि डॉ. सुषमा 16 मई को कॉलेज में आखिरी बार देखी गई थीं, तब वो पूरी तरह सामान्य लग रही थीं। वे पढ़ाई में तेज़, व्यवहार में सौम्य और छात्रों में काफी लोकप्रिय थीं।
रुद्री थाना प्रभारी का बयान
थाना प्रभारी अमित बघेल ने बताया कि डॉ. सुषमा की मौत को लेकर जांच जारी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार 13 जून को वे रायपुर से धमतरी लौटी थीं और तभी से किसी ने उन्हें बाहर नहीं देखा। जब उनके पिता ने फोन किया और जवाब नहीं मिला, तो रिश्तेदारों को भेजा गया। दरवाजा खुलवाकर देखा गया तो वो फांसी पर लटकी हुईं मिलीं।
थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि…
घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है, जिसे जब्त कर लिया गया है। सुसाइड नोट की प्रामाणिकता और उसमें लिखी सामग्री की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही आत्महत्या के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि किसी तरह की अनदेखी या दबाव की स्थिति का पता चल सके।



