छत्तीसगढ़ के इस इलाके में अगले 15 दिनों तक मांस और शराब पर पूर्ण प्रतिबंध

छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी राजिम में ‘राजिम कुंभ कल्प 2026’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम पर जुटने वाले लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों की आस्था को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मेले की गरिमा बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने पूरे मेला क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अगले 15 दिनों तक शराब और मांस की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस पावन उत्सव में शामिल होने का न्योता दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि इस आयोजन के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिले।

शाही स्नान की तिथियां और धार्मिक महत्व

राजिम कुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहाँ स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वर्ष भी माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक अलग-अलग तिथियों पर विशेष स्नान के आयोजन होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ प्रयागराज की तर्ज पर भव्य टेंट सिटी का निर्माण किया गया है, जहाँ लोग रुक सकेंगे। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रहेगी। प्रमुख स्नानों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

विशेष अवसरसंभावित तिथिधार्मिक महत्व
प्रथम स्नान1 फरवरी 2026माघ पूर्णिमा: मेले का भव्य शुभारंभ
द्वितीय स्नान6 फरवरी 2026गणेश चतुर्थी: भारी संख्या में उमड़ते हैं श्रद्धालु
तृतीय स्नान11 फरवरी 2026विजया एकादशी: साधु-संतों और अखाड़ों का जमावड़ा
शाही स्नान16 फरवरी 2026महाशिवरात्रि: कुंभ कल्प का सबसे मुख्य और अंतिम स्नान

राजिम कुंभ के प्रमुख आकर्षण और व्यवस्थाएं

इस बार का कुंभ ‘डिजिटल और क्लीन’ थीम पर आधारित है, जिसमें स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 60 एकड़ में फैले इस विशाल मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। प्रशासन ने स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की हैं। मेले के कुछ मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:

  • त्रिवेणी संगम स्नान: तीन पवित्र नदियों के मिलन स्थल पर डुबकी लगाना सबसे पुण्यकारी माना जाता है।
  • प्राचीन मंदिर दर्शन: मुख्य स्नान के बाद श्रद्धालु नदी के बीच स्थित भगवान कुलेश्वर महादेव और ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर के दर्शन करते हैं।
  • टेंट सिटी और मार्केट: ठहरने के लिए आधुनिक टेंट सिटी बनाई गई है और मेला क्षेत्र में 2 हजार से अधिक दुकानें सजाई गई हैं।
  • सांस्कृतिक मंच: हर शाम छत्तीसगढ़ी लोक कला और पारंपरिक संगीत के शानदार कार्यक्रम आयोजित होंगे।
  • विशाल जनसमूह: इस महापर्व में देशभर से 5 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए बजट और व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी गई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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