रसोई गैस की महंगाई पर फूटा गुस्सा: खाली सिलेंडर लेकर सड़क पर उतरी कांग्रेस

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रसोई गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। जिला कांग्रेस के नेतृत्व में शहर के सबसे व्यस्त घड़ी चौक पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने हाथों में खाली सिलेंडर लेकर सड़क पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर पहले ही तोड़ दी थी और अब गैस के दाम बढ़ाकर मध्यमवर्गीय परिवारों के चूल्हे बुझाने की तैयारी की जा रही है।

सड़क पर संग्राम: घड़ी चौक पर लगा लंबा जाम

सोमवार दोपहर जब कांग्रेस कार्यकर्ता भारी संख्या में घड़ी चौक पहुंचे, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन के कारण सड़क के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। इस दौरान राहगीरों ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दाम अब बर्दाश्त से बाहर होते जा रहे हैं।

आम जनता का दर्द: “अब लकड़ी पर खाना बनाने की नौबत”

घड़ी चौक से गुजर रहे आम नागरिकों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सरकार मध्यम वर्ग को लगातार झटके दे रही है। लोगों का कहना है कि एक तरफ कमाई नहीं बढ़ रही है और दूसरी तरफ रसोई गैस जैसी अनिवार्य सेवा महंगी होती जा रही है। मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है। प्रदर्शन देख रहे कुछ बुजुर्गों ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ीं, तो वह दिन दूर नहीं जब उज्ज्वला योजना के सिलेंडर सिर्फ सजावट की वस्तु बनकर रह जाएंगे और लोगों को फिर से लकड़ी पर खाना बनाना पड़ेगा।

कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’: महंगाई को बनाया चुनावी हथियार

राजधानी के इस विरोध प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं को साधने की कोशिश की है। पार्टी का मानना है कि महंगाई एक ऐसा मुद्दा है जो हर घर की रसोई से जुड़ा है। प्रतीकात्मक रूप से खाली सिलेंडरों को सड़क पर रखकर कांग्रेस ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आम आदमी अब सिलेंडर भरवाने की स्थिति में नहीं रह गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों का ध्यान रख रही है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग पिस रहा है।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी: उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

इस विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन के साथ पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा और नगर निगम के वरिष्ठ नेता आकाश तिवारी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने मंच से संबोधित करते हुए केंद्र सरकार से बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। यदि आने वाले दिनों में जनता को राहत नहीं दी गई, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी और मंत्रियों के बंगलों का घेराव किया जाएगा।

पुलिस और प्रशासन के छूटे पसीने: घंटों रही मशक्कत

घड़ी चौक जैसे संवेदनशील इलाके में हुए इस प्रदर्शन ने पुलिस प्रशासन की भी कड़ी परीक्षा ली। ट्रैफिक पुलिस को गाड़ियों का रूट डायवर्ट करना पड़ा ताकि एम्बुलेंस और अन्य जरूरी वाहनों को निकाला जा सके। घंटों चले इस ड्रामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटने का आग्रह किया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक गैस के दाम कम नहीं होते, उनका यह ‘सड़क से सदन’ तक का संघर्ष जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ के बजट पर सीधा असर: मध्यम वर्ग की बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि रसोई गैस की कीमतों में थोड़ी सी भी वृद्धि छत्तीसगढ़ के मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित करती है। यहां के बड़े हिस्से में लोग पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं। कांग्रेस ने इस नब्ज को पहचान लिया है और वह आने वाले समय में महंगाई को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने जा रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार विपक्ष के इस दबाव के बाद कीमतों में कोई कटौती की घोषणा करती है या नहीं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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