धमतरी के गंगरेल बांध में लगातार जलभराव, 99% से अधिक भरा पानी, महानदी में छोड़ा जा रहा है चार हजार क्यूसेक पानी

धमतरी: धमतरी जिले के प्रमुख गंगरेल बांध (Gangrel Dam) का जलस्तर अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुँच चुका है। कैचमेंट एरिया में लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए जल संसाधन विभाग बांध से लगातार पानी छोड़ रहा है, जिससे महानदी और सहायक नहर-नालियों में पानी का बहाव जारी है। विभाग ने नदियों के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।

गंगरेल बांध की स्थिति: 99.37% जलभराव

जानकारी के अनुसार, गंगरेल बांध की कुल क्षमता 32.150 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) है, जिसके मुकाबले अब तक 31.983 टीएमसी पानी भर चुका है, जो 99.37 प्रतिशत है।

  • पानी की निकासी: गुरुवार को बांध में 2490 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। वहीं, बांध से लगभग चार हजार क्यूसेक पानी रेडियल और पेन स्टॉक गेट के माध्यम से छोड़ा जा रहा है।
    • दो रेडियल गेट से 2475 क्यूसेक
    • पेन स्टॉक गेट से 1650 क्यूसेक
    • हेड रेगुलेटर से 200 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने का असर रूद्री बराज पर भी दिख रहा है, जहाँ से भी महानदी में सीमित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।

अन्य प्रमुख बांधों का जलस्तर

धमतरी जिले के अन्य बांधों में भी जलस्तर लगभग अपनी क्षमता के करीब पहुँच चुका है:

बांध का नामकुल क्षमता (टीएमसी)भरा हुआ पानी (टीएमसी)प्रतिशत जलभराव
माड़मसिल्ली बांध5.8395.75298.44%
दुधावा बांध10.1929.37191.81%
सोंदूर बांध6.9955.40474.91%

माड़मसिल्ली बांध में भी 300 क्यूसेक की आवक और 221 क्यूसेक की निकासी दर्ज की गई है। वहीं, दुधावा बांध में 1361 क्यूसेक की आवक बनी हुई है। सोंदूर बांध में गुरुवार को 694 क्यूसेक पानी की आवक हुई, जिसके मुकाबले 654 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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