रायपुर में सहायक शिक्षक भर्ती के लिए प्रदर्शन: परिजनों संग शिक्षा मंत्री के बंगले पहुंचे D.Ed अभ्यर्थी, पुलिस से तीखी झड़प

राजधानी रायपुर में सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने की मांग को लेकर D.Ed पास युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने परिवार के सदस्यों और छोटे बच्चों के साथ नया रायपुर स्थित स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले का घेराव करने पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे महीनों से अपनी जायज मांग को लेकर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से केवल आश्वासन मिल रहा है। इससे पहले भी वे मंत्री के निवास का घेराव कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमा-झटकी

जैसे ही प्रदर्शनकारी मंत्री के बंगले के करीब पहुंचे, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच जमकर झूमा-झटकी हुई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को जबरन खींचकर गाड़ियों में भर दिया। इस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद महिला अभ्यर्थियों और पुलिस कर्मियों के बीच भी तीखी बहस हुई। पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को शहर के अलग-अलग इलाकों में ले जाकर छोड़ दिया।

भर्ती की राह में बाधाओं की मुख्य वजहें

D.Ed अभ्यर्थी पिछले काफी समय से किन समस्याओं से जूझ रहे हैं, इसे कुछ बिंदुओं में समझा जा सकता है:

  • लंबे समय से अनशन: ये अभ्यर्थी 24 दिसंबर से लगातार धरने पर बैठे हैं, लेकिन शासन ने अब तक सुध नहीं ली है।
  • खाली पदों का आंकड़ा: अभ्यर्थियों का दावा है कि सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के तहत अभी भी करीब 2300 पद रिक्त पड़े हैं।
  • प्रक्रिया में देरी: काउंसलिंग और पात्रता की जांच पूरी होने के बावजूद नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं।
  • बेरोजगारी का दंश: हजारों प्रशिक्षित युवा योग्यता होने के बाद भी घर बैठने को मजबूर हैं।

हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप

प्रदर्शनकारियों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि सरकार छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रही है। अभ्यर्थियों के अनुसार, अदालत ने दो महीने के भीतर रिक्त पदों को भरने का आदेश दिया था, जिसकी समय-सीमा काफी पहले ही समाप्त हो चुकी है। युवाओं का कहना है कि प्रशासन कोर्ट के आदेश की खुली अवहेलना कर रहा है, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

महिला अभ्यर्थियों ने जताई कड़ी नाराजगी

आंदोलन में शामिल महिला अभ्यर्थियों ने पुलिसिया कार्रवाई पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना पक्ष रखने आई थीं, लेकिन उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और जबरन हटाकर उनके संवैधानिक अधिकार का हनन किया। परिजनों का भी कहना है कि वे अपने बच्चों के भविष्य की चिंता में सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।

आखिर क्यों ठप पड़ी है नियुक्ति प्रक्रिया?

2023 की इस भर्ती में हजारों युवाओं ने परीक्षा पास की और सभी जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग बजट या तकनीकी कारणों का बहाना बनाकर मामले को लटका रहा है। जब सभी चयन प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, तो नियुक्ति पत्र बांटने में देरी का कोई तार्किक आधार नजर नहीं आता। इसी ढुलमुल रवैये के कारण युवाओं का भरोसा सरकार से उठता जा रहा है।

सड़क से सदन तक संघर्ष की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उनके हाथों में नियुक्ति पत्र नहीं आ जाता। उनका कहना है कि अगर शिक्षा मंत्री जल्द ही इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लेते हैं, तो वे अपने आंदोलन को और भी उग्र करेंगे। फिलहाल नया रायपुर के मंत्री बंगले के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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